खबर इंडिया की।मध्य प्रदेश के इंदौर में Swine Flu से एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत का मामला सामने आया है। मेडिकल जांच में महिला के Swine Flu संक्रमण की पुष्टि हुई है। मृतका की पहचान सरोज नागर के रूप में हुई है। खास बात यह है कि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक महिला को कोई दूसरी बीमारी नहीं थी। ऐसे में Swine Flu से हुई इस मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था और संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
इधर राजधानी दिल्ली में भी Swine Flu यानी H1N1 संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी की खबरों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को स्थिति की समीक्षा के लिए अहम बैठक की। बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में बढ़ते Swine Flu और फ्लू के मामलों की स्थिति का आकलन करना, अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा करना तथा जांच और उपचार की उपलब्ध सुविधाओं पर चर्चा करना था।
दिल्ली में Swine Flu के मामले बढ़े, पिछले साल से कई गुना ज्यादा केस
दिल्ली में Swine Flu और फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इस साल राजधानी में अब तक फ्लू के 1,349 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं पिछले साल इसी अवधि में सिर्फ 229 केस दर्ज किए गए थे।
आंकड़ों में यह अंतर बताता है कि इस साल फ्लू संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इसी वजह से केंद्र और दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने बैठक में मौजूदा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान इस बात पर चर्चा की गई कि अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है या नहीं। इसके अलावा Swine Flu की जांच, मरीजों की पहचान, उपचार की सुविधाओं और संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की भी समीक्षा की गई।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर अधिकारियों की बैठक ऐसे समय में हुई है, जब दिल्ली में फ्लू के मामलों में वृद्धि की रिपोर्ट सामने आ रही है। स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता गंभीर मरीजों की समय पर पहचान और इलाज सुनिश्चित करना है।
इंदौर में Swine Flu से 60 वर्षीय महिला की मौत
इंदौर में सामने आया मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मृतका सरोज नागर की उम्र 60 वर्ष थी और मेडिकल रिपोर्ट में Swine Flu संक्रमण की पुष्टि हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार महिला को कोई अन्य बीमारी नहीं थी।
आमतौर पर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू संक्रमण के गंभीर होने का जोखिम अधिक माना जाता है। हालांकि, इंदौर का यह मामला यह भी बताता है कि बिना किसी दूसरी बीमारी के भी संक्रमण कुछ परिस्थितियों में गंभीर रूप ले सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, थकान और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
मिजोरम में African Swine Flu को लेकर कार्रवाई
इसी बीच मिजोरम में African Swine Flu से जुड़ा एक अलग मामला भी सामने आया है। मिजोरम के मामित जिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ये लोग असम से African Swine Flu से संक्रमित 45 सुअर लेकर आए थे।
जानकारी के मुताबिक इन सुअरों को आइजॉल ले जाया जा रहा था। आरोपियों ने कथित तौर पर मिजोरम-असम सीमा पर चेकिंग से निकलने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्हें जामुआंग गांव में पकड़ा गया।
यहां यह समझना जरूरी है कि African Swine Flu और इंसानों में फैलने वाला H1N1 Swine Flu एक ही बीमारी नहीं हैं। African Swine Fever मुख्य रूप से सुअरों को प्रभावित करने वाली बीमारी है, जबकि इंसानों में सामान्य तौर पर Swine Flu के नाम से जाना जाने वाला H1N1 इंफ्लूएंजा वायरस से संबंधित संक्रमण है।
Swine Flu क्या है और H1N1 कैसे फैलता है?
Swine Flu को आमतौर पर H1N1 फ्लू कहा जाता है। यह इंफ्लूएंजा-A वायरस का एक प्रकार है और मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। वर्ष 2009 में H1N1 संक्रमण दुनिया के कई हिस्सों में तेजी से फैला था। इसके बाद H1N1 इंसानों में फैलने वाले मौसमी फ्लू वायरस का हिस्सा बन गया।
Swine Flu का संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकलने वाली सांस की बूंदों के जरिए फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब रहने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
इसके अलावा दूषित सतह को छूने के बाद हाथों से आंख, नाक या मुंह छूने पर भी संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। इसलिए हाथों की साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव के सामान्य उपाय महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
सिर्फ सुअर के संपर्क से नहीं फैलता Swine Flu
Swine Flu को लेकर सबसे आम गलतफहमियों में से एक यह है कि यह बीमारी सिर्फ सुअर के संपर्क में आने से होती है। इंसानों में फैलने वाला मौजूदा H1N1 फ्लू मुख्य रूप से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।
इसलिए किसी संक्रमित व्यक्ति के आसपास रहने, उसकी खांसी या छींक के संपर्क में आने अथवा संक्रमित सतह को छूने से संक्रमण का खतरा हो सकता है। यही कारण है कि दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहरों में फ्लू के बढ़ते मामलों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर रहती है।
Swine Flu से बचाव के लिए क्या सावधानी जरूरी?
Swine Flu और अन्य फ्लू संक्रमण से बचाव के लिए कुछ सामान्य सावधानियां अपनाना उपयोगी हो सकता है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना, नियमित रूप से हाथ धोना और बीमार होने की स्थिति में दूसरों से अनावश्यक नजदीकी से बचना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।
फ्लू जैसे लक्षण गंभीर होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। खासकर बुजुर्गों और अन्य उच्च जोखिम वाले लोगों में लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
इंदौर में Swine Flu से हुई मौत और दिल्ली में बढ़े फ्लू के मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की समीक्षा बैठक को इसी व्यापक स्वास्थ्य निगरानी के संदर्भ में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में दिल्ली और अन्य राज्यों में फ्लू की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी।
नोट: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और दी गई जानकारी पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी लक्षण या उपचार के लिए योग्य चिकित्सक की सलाह लें।














