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MP के इस जिले में हुआ जुमे की नमाज को लेकर तनाव, विरोध में हनुमान चालीसा का पाठ, शंख बजाकर जयघोष; 500 नमाजी पहुंचे

उमाकांत त्रिपाठी।मध्य प्रदेश के धार में भोजशाला परिसर से सटे खसरा नंबर 612 पर शुक्रवार को Dhar Bhojshala Friday Namaz के तहत मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जुमे की नमाज अदा की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार लागू नई व्यवस्था के तहत यह लगातार चौथा शुक्रवार है, जब निर्धारित स्थान पर नमाज अदा की गई। इस शुक्रवार नमाजियों की संख्या पहले के मुकाबले अधिक दिखाई दी। करीब 400 से 500 नमाजी निर्धारित स्थल पर पहुंचे और मुख्य द्वार के आसपास भी लोगों की भीड़ नजर आई।

नमाज को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को काफी सख्त रखा था। भोजशाला परिसर और नमाज स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई। किसी तरह की अव्यवस्था या दोनों समुदायों के बीच आमना-सामना न हो, इसके लिए इलाके में बैरिकेडिंग की गई थी। नमाज स्थल के चारों ओर सफेद पर्दे लगाए गए थे, ताकि निर्धारित क्षेत्र के अलावा किसी अन्य हिस्से से प्रवेश की स्थिति न बने।

Dhar Bhojshala Friday Namaz के दौरान प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था की गई थी। इससे श्रद्धालुओं और नमाजियों की आवाजाही को अलग रखा जा सके और सुरक्षा व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

भोजशाला में नमाज के दौरान हनुमान चालीसा और भजन-कीर्तन

जिस समय Dhar Bhojshala Friday Namaz के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग निर्धारित स्थल पर एकत्रित हुए, उसी दौरान भोजशाला परिसर में हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं की ओर से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। दोपहर के समय भोजशाला में भजन-कीर्तन और पूजा-पाठ का सिलसिला जारी रहा।

भोजशाला परिसर में श्रद्धालु पूजन और दर्शन करते रहे। इस दौरान घंटे-घड़ियाल, झांझ-मंजीरे और शंख की ध्वनि सुनाई देती रही। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया था।

दोनों समुदायों की गतिविधियों के लिए निर्धारित क्षेत्र और अलग-अलग मार्ग बनाए जाने से पुलिस को भीड़ प्रबंधन में मदद मिली। संवेदनशील माने जाने वाले इस इलाके में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा कर्मियों ने लगातार निगरानी रखी।

इस बीच Dhar Bhojshala Friday Namaz को लेकर स्थानीय स्तर पर भी लोगों की नजरें प्रशासन की व्यवस्था और नमाजियों की संख्या पर बनी रहीं। इस शुक्रवार पिछले तीन शुक्रवार की तुलना में अधिक संख्या में नमाजी निर्धारित स्थल तक पहुंचे।

भोज उत्सव समिति ने कहा- पूजा का अधिकार जारी रहेगा

भोजशाला मामले से जुड़े भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडे ने कहा कि हिंदू समाज की ओर से शुक्रवार को हनुमान चालीसा का पाठ पहले भी किया जाता रहा है और आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा का जो अधिकार मिला है, उसी के तहत पूजा-पाठ किया जा रहा है।

विश्वास पांडे के अनुसार, नमाज से हिंदू पक्ष का कोई लेना-देना नहीं है और उनका संगठन न्यायालय के आदेश के अनुसार मिले पूजा के अधिकार का पालन कर रहा है। उन्होंने भोजशाला को हिंदुओं का मंदिर और मां सरस्वती का स्थान बताया।

उन्होंने कहा कि दोपहर करीब 1 बजे से 3 बजे के बीच हनुमान चालीसा का पाठ भक्ति भाव से किया जाएगा। उनके मुताबिक, प्रत्येक शुक्रवार के अलावा प्रतिदिन भी मां की पूजा और धार्मिक गतिविधियां जारी रहती हैं।

Dhar Bhojshala Friday Namaz के बीच हिंदू पक्ष की ओर से पूजा-पाठ और हनुमान चालीसा का आयोजन भी इसी निर्धारित व्यवस्था के तहत किया गया। प्रशासन के सामने चुनौती दोनों पक्षों की धार्मिक गतिविधियों के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की रही।

सुप्रीम कोर्ट में 29 अक्टूबर को अगली सुनवाई

भोजशाला मामले की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। सभी संबंधित पक्षों को अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

ऐसे में Dhar Bhojshala Friday Namaz से जुड़ी शुक्रवार की व्यवस्था फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार निर्धारित स्थान पर जारी है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और आवाजाही को लेकर हर सप्ताह विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

भोजशाला परिसर लंबे समय से धार्मिक और कानूनी दृष्टि से संवेदनशील मामला रहा है। इसलिए शुक्रवार को होने वाली नमाज और इसी दौरान परिसर में होने वाली पूजा-पाठ की गतिविधियों पर स्थानीय प्रशासन की विशेष निगरानी रहती है। पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग और अलग-अलग मार्गों की व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

इस शुक्रवार भी Dhar Bhojshala Friday Namaz के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा इंतजामों को प्राथमिकता दी। करीब 400 से 500 नमाजियों के पहुंचने के बावजूद व्यवस्था को निर्धारित नियमों के तहत संचालित किया गया। वहीं भोजशाला परिसर में हिंदू श्रद्धालुओं की ओर से पूजा, दर्शन, हनुमान चालीसा और भजन-कीर्तन जारी रहे।

आने वाले समय में इस मामले की दिशा पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 29 अक्टूबर 2026 को होने वाली सुनवाई में संबंधित पक्षों के जवाब और मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर आगे की प्रक्रिया सामने आएगी। फिलहाल धार में Dhar Bhojshala Friday Namaz को लेकर प्रशासन की प्राथमिकता शांतिपूर्ण व्यवस्था बनाए रखना और न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना है।

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