खबर इंडिया की।क्या आप जानते हैं कि बिजली की खपत सामान्य रहने के बावजूद आपके घर का बिजली बिल बढ़ सकता है? दरअसल, सिर्फ यह देखना जरूरी नहीं है कि आपने महीने में कितनी यूनिट बिजली खर्च की है। आपके बिजली कनेक्शन का Sanctioned Load यानी स्वीकृत लोड भी बिल पर असर डाल सकता है।
कई घरों में समय के साथ बिजली के उपकरण बढ़ जाते हैं। एसी, गीजर, माइक्रोवेव, वॉशिंग मशीन, हीटर और दूसरे भारी उपकरण लगाए जाते हैं। लेकिन इनके बढ़ने के साथ बिजली कनेक्शन का स्वीकृत लोड नहीं बढ़वाया जाता। ऐसे में बिजली की मांग और स्वीकृत लोड के बीच अंतर होने पर संबंधित नियमों के अनुसार अतिरिक्त शुल्क या सरचार्ज लग सकता है।
क्या होता है Sanctioned Load?
बिजली कनेक्शन लेते समय उपभोक्ता के लिए एक निश्चित लोड स्वीकृत किया जाता है। इसे आसान भाषा में ऐसे समझिए कि आपका कनेक्शन कितने किलोवाट तक की बिजली की मांग के लिए स्वीकृत है।
मान लीजिए आपके घर का कनेक्शन 3 किलोवाट का है। बाद में आपने घर में एसी, गीजर, माइक्रोवेव और दूसरे ज्यादा बिजली लेने वाले उपकरण लगा लिए। अगर इनका इस्तेमाल करने पर बिजली की अधिकतम मांग लगातार स्वीकृत सीमा से ऊपर रहने लगती है, तो नियमों के मुताबिक अतिरिक्त लोड की स्थिति बन सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि 3 किलोवाट के कनेक्शन पर एक बार 3 किलोवाट से ज्यादा उपकरण चलाते ही तुरंत जुर्माना लग जाएगा। वास्तविक नियम राज्य, कनेक्शन की श्रेणी और बिजली वितरण कंपनी के प्रावधानों पर निर्भर करते हैं।
हर राज्य में अलग हो सकते हैं नियम
बिजली के लोड से जुड़े नियम और चार्ज पूरे देश में एक जैसे नहीं हैं। उदाहरण के लिए, हरियाणा में स्वीकृत लोड के 110 फीसदी तक अधिकतम मांग पर सरचार्ज नहीं लगाने का प्रावधान बताया गया है। 110 से 115 फीसदी के बीच मांग होने पर 20 फीसदी और 115 फीसदी से ज्यादा मांग पर 25 फीसदी सरचार्ज का प्रावधान है।
इसे उदाहरण से समझें। अगर किसी उपभोक्ता का स्वीकृत लोड 5 किलोवाट है, तो उसका 110 फीसदी 5.5 किलोवाट होगा। इसके ऊपर मांग जाने पर वहां लागू नियमों के अनुसार अतिरिक्त शुल्क की स्थिति बन सकती है।
इसलिए किसी एक राज्य का नियम दूसरे राज्य के उपभोक्ता पर लागू नहीं किया जा सकता। अपने बिजली बिल में लागू नियमों के लिए संबंधित बिजली वितरण कंपनी की जानकारी देखना जरूरी है।
प्रति यूनिट बिजली का रेट बढ़ना जरूरी नहीं
हाई लोड की स्थिति में ऐसा जरूरी नहीं है कि आपकी हर यूनिट बिजली की कीमत बढ़ जाए। कुछ मामलों में अतिरिक्त राशि फिक्स्ड चार्ज, डिमांड चार्ज या सरचार्ज के रूप में जुड़ सकती है।
यही वजह है कि अगर आपका बिजली बिल अचानक बढ़ा है तो केवल यूनिट की खपत देखना पर्याप्त नहीं है। बिल में फिक्स्ड चार्ज, सरचार्ज और अन्य शुल्क भी जरूर चेक करें।
घर का लोड ज्यादा है तो क्या करें?
अगर आपके घर में बिजली के उपकरण लगातार बढ़ रहे हैं और बिजली की मांग आपके स्वीकृत लोड के मुकाबले ज्यादा रहती है, तो संबंधित बिजली वितरण कंपनी से संपर्क करके लोड बढ़वाने पर विचार करना चाहिए।
उदाहरण के लिए, अगर घर में एसी, गीजर और दूसरे भारी उपकरण नियमित रूप से इस्तेमाल होते हैं, तो अपने मौजूदा कनेक्शन का स्वीकृत लोड चेक करें। जरूरत के मुताबिक लोड बढ़वाने से भविष्य में अतिरिक्त लोड से जुड़े शुल्क या सरचार्ज की स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है।
ध्यान रखें: बिजली बिल के नियम और अतिरिक्त चार्ज राज्य तथा बिजली वितरण कंपनी के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए अपने बिल में लागू दरों और नियमों की पुष्टि संबंधित बिजली विभाग से जरूर करें।














