WorldSkills Competition 2026:उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर WorldSkills Competition 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत ने 10वां स्थान हासिल किया। भारतीय दल ने 6 सिल्वर मेडल और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 20 मेडल अपने नाम किए।
भारत ने इस प्रतियोगिता में अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। साल 2024 में भारत 13वें स्थान पर रहा था, जबकि 2026 में भारतीय दल ने 10वां स्थान हासिल किया। प्रधानमंत्री ने प्रतियोगियों से बातचीत की और उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली।

डिग्री के साथ प्रैक्टिकल स्किल्स भी जरूरी: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में अकादमिक डिग्री के साथ प्रैक्टिकल स्किल्स भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कौशल प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों को IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के बराबर महत्व देने की जरूरत पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में युवाओं को लगातार नई स्किल सीखनी चाहिए और अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाते रहना चाहिए। उभरती तकनीकों के अनुरूप खुद को तैयार करना भी जरूरी है, ताकि युवा बदलते रोजगार बाजार और उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से आगे बढ़ सकें।

प्रधानमंत्री ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले युवाओं से अपने अनुभव और सुझाव सरकार के साथ साझा करने को कहा। उन्होंने कहा कि इन सुझावों से देश की कौशल प्रशिक्षण व्यवस्था को और मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने युवाओं, सरकार और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया। WorldSkills Competition में भारतीय प्रतिभागियों का प्रदर्शन देश में व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास के महत्व को रेखांकित करता है।

WorldSkills Competition 2026 में इन 6 युवाओं ने जीते सिल्वर मेडल
WorldSkills Competition 2026 में भारत के छह प्रतिभागियों ने अलग-अलग श्रेणियों में सिल्वर मेडल हासिल किए। इन युवाओं ने अपने-अपने क्षेत्र में तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक कौशल का प्रदर्शन किया।
सिल्वर मेडल जीतने वाले भारतीय प्रतिभागियों की सूची इस प्रकार है:
- स्मृति नांबियार: बेकरी
- मोहम्मद सलाम: डेंटल प्रोस्थेटिक्स
- कोविद अजय गंगराडे: डिजिटल इंटरैक्टिव मीडिया डिजाइन
- पार्थ वोहरा: इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी
- मेहरून्निसा बेगम: लॉजिस्टिक्स एंड फ्रेट फॉरवर्डिंग
- सानिया जोशी: रिटेल सेल्स
इन सभी प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए पदक हासिल किए। प्रतियोगिता में मिली सफलता से युवाओं के बीच कौशल आधारित शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की जरूरत भी सामने आती है।

70 देशों के 1,400 से ज्यादा प्रतियोगियों ने लिया हिस्सा
WorldSkills Competition 2026 का आयोजन चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर तक किया गया था। छह दिनों तक चले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 70 देशों के 1,400 से अधिक युवा प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया।
भारत की ओर से इस बार अब तक का सबसे बड़ा 70 सदस्यीय प्रतियोगी दल भेजा गया था। भारतीय प्रतिभागियों ने उभरती तकनीक, उत्पादन, इंजीनियरिंग और क्रिएटिविटी सहित कुल 63 कौशल क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस प्रतियोगिता में युवाओं की दक्षता को केवल किताबी ज्ञान के आधार पर नहीं परखा जाता, बल्कि यह भी देखा जाता है कि वे वास्तविक परिस्थितियों में किसी काम को कितनी सटीकता, कुशलता और निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा कर सकते हैं।
अलग-अलग देशों के प्रतियोगियों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है। इससे प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमताओं को परखने और दूसरे देशों के युवाओं के काम करने के तरीकों को समझने का अवसर भी मिलता है।

क्या है WorldSkills Competition? इसे स्किल्स का ओलंपिक क्यों कहते हैं?
WorldSkills Competition को अक्सर कौशल का ओलंपिक कहा जाता है। यह युवाओं के व्यावसायिक और तकनीकी कौशल को परखने वाली प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में से एक है।
इसमें बेकरी, डेंटल प्रोस्थेटिक्स, डिजिटल डिजाइन, इंडस्ट्रियल डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेल्स जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। प्रतिभागियों को अपने क्षेत्र से जुड़े काम तय मानकों के अनुसार पूरा करने होते हैं।

इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं के हुनर को अंतरराष्ट्रीय मंच देना और कौशल आधारित शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देना है। इसमें हिस्सा लेने वाले युवाओं को अपने काम की गुणवत्ता, गति, सटीकता और तकनीकी जानकारी के आधार पर खुद को साबित करना होता है।
भारत का 2024 के 13वें स्थान से 2026 में 10वें स्थान पर पहुंचना प्रतियोगिता में देश की बेहतर रैंकिंग को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारतीय दल की मुलाकात के दौरान भी युवाओं के कौशल, प्रशिक्षण और नई तकनीकों के अनुरूप खुद को तैयार करने की जरूरत प्रमुख विषय रहे।
















