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PM Modi Ladakh Projects: लद्दाख की नई पीढ़ी पर हमारा ध्यान.. PM मोदी ने ₹3350 करोड़ के प्रोजेक्ट शुरू किए, कहा- यहां का विकास प्राथमिकता;

PM Modi Ladakh Projects: उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लद्दाख के विकास को केंद्र सरकार की प्राथमिकता बताते हुए करीब 3,350 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का वर्चुअली उद्घाटन और लोकार्पण किया। PM Modi Ladakh Projects के तहत शुरू की गई इन योजनाओं में लेह एयरपोर्ट का नया पैसेंजर टर्मिनल, 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दारचा सड़क, 9 मेगावाट की हानू हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना, बिजली ट्रांसमिशन लाइन और जल संरक्षण से जुड़े काम शामिल हैं।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य लद्दाख में सड़क और हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना, बिजली की उपलब्धता बढ़ाना, पानी का संरक्षण करना और क्षेत्र की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का विशेष ध्यान लद्दाख की नई पीढ़ी पर है, ताकि यहां के युवाओं को अच्छी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

निम्मू-पदुम-दारचा सड़क से सफर होगा आसान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन प्रमुख परियोजनाओं का जिक्र किया, उनमें निम्मू-पदुम-दारचा सड़क शामिल है। करीब 298 किलोमीटर लंबी इस सड़क से लद्दाख के अलग-अलग इलाकों के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस मार्ग पर करीब 2,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि जिस सफर को पूरा करने में पहले करीब 12 घंटे लगते थे, वह अब लगभग 3 घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और दूसरे यात्रियों को भी फायदा मिल सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में जरूरी सामान पहुंचाने, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने और पर्यटन गतिविधियों को गति देने में मदद मिलेगी।

लद्दाख जैसे दुर्गम भौगोलिक क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी का विशेष महत्व है। यहां मौसम और पहाड़ी परिस्थितियों के कारण आवाजाही कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने से लोगों की यात्रा आसान बनाने और दूरदराज के इलाकों तक पहुंच बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

लद्दाख में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए लेह एयरपोर्ट के नए पैसेंजर टर्मिनल का भी उद्घाटन किया गया। बेहतर हवाई सुविधाओं से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक अनुभव मिलने की उम्मीद है। इससे लद्दाख आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही को भी लाभ मिल सकता है।

लद्दाख पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध मठ, पहाड़ और ऐतिहासिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटन क्षेत्र को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक लाभ यात्री सुविधाओं, उड़ानों और टर्मिनल के संचालन पर भी निर्भर करेगा।

बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन व्यवस्था को मजबूती

विकास परियोजनाओं में 9 मेगावाट की हानू हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना और बिजली ट्रांसमिशन लाइन भी शामिल हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

लद्दाख में सर्दियों के दौरान तापमान काफी नीचे चला जाता है। ऐसे में घरों, अस्पतालों, सरकारी संस्थानों और स्थानीय कारोबार के लिए बिजली की विश्वसनीय आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण है। बिजली से जुड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में योगदान दे सकती हैं।

ऊर्जा परियोजनाओं के साथ ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार भी जरूरी है, ताकि उत्पादित बिजली को जरूरत वाले इलाकों तक पहुंचाया जा सके। इससे स्थानीय लोगों की जरूरतों को पूरा करने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

प्रोजेक्ट हिम सरोवर के तहत 40 तालाब समर्पित

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोजेक्ट हिम सरोवर के तहत बनाए गए 40 तालाब भी लद्दाख के लोगों को समर्पित किए। इन जलाशयों का उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना और पानी की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में सहायता करना है।

लद्दाख में कम वर्षा और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जल प्रबंधन महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में पानी को संचित करने के लिए बनाए गए तालाब स्थानीय जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी हो सकते हैं। इनके प्रभाव का आकलन स्थानीय जल उपलब्धता, रखरखाव और उपयोग के आधार पर किया जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों ने लद्दाख के विकास को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने वर्तमान समय में सड़क, पुल, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए काम किया गया है।

लद्दाख में सड़क, पुल और पेयजल सुविधाओं का जिक्र

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में लद्दाख में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। उनके मुताबिक, क्षेत्र में करीब 4,000 किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क है। उन्होंने बताया कि पहले यहां 19 बड़े पुल थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 75 हो गई है।

पीएम मोदी ने हेलिपैड की संख्या में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, पहले लद्दाख में चार हेलिपैड थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 40 हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के 99 प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंच चुका है और अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या दोगुनी हो गई है।

ये आंकड़े प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रखे। इन सुविधाओं के विस्तार से दूरदराज के इलाकों में आवागमन, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

युवाओं की शिक्षा और खेल प्रतिभाओं पर सरकार का फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार का ध्यान लद्दाख की नई पीढ़ी पर है। उनका कहना था कि युवाओं को अच्छी शिक्षा देने और उन्हें पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता से बचाने के उद्देश्य से यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाने और स्थानीय उद्यमियों को देश-दुनिया से जोड़ने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इससे लद्दाख के युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और कारोबार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

पीएम मोदी ने खेलों में लद्दाख की संभावनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यहां के युवाओं ने आइस हॉकी और पर्वतारोहण जैसे क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। सरकार स्थानीय खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है, ताकि युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कर सकें।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि वह विदेशी मेहमानों को लद्दाख में बनी चीजें उपहार में देते हैं। इससे स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को पहचान दिलाने के महत्व को रेखांकित किया गया।

प्राचीन विरासत को सुरक्षित रखने की पहल

लद्दाख की विकास योजनाओं में देश का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क भी शामिल है। पेट्रोग्लिफ चट्टानों पर उकेरी गई प्राचीन आकृतियां और चित्र होते हैं, जो किसी क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और पुराने जीवन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं।

इन धरोहरों का संरक्षण लद्दाख की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा भी जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस विरासत को देख और समझ सकें।

कुल मिलाकर, करीब 3,350 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं में सड़क और हवाई संपर्क, बिजली, जल संरक्षण, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। इनके प्रभावी संचालन और रखरखाव से लद्दाख के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

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