PM Modi Speech: उमाकांत त्रिपाठी।राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के एकता नगर से देश को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। PM Modi National Unity Day Speech में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में विपक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय विरोध के स्थान पर अवरोध की राजनीति कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें देश के विकास में बाधाएं खड़ी कर रही हैं और संविधान की मर्यादाओं को तार-तार करने में लगी हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ऐसी गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील की।
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने नक्सलवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा, घुसपैठ, डेमोग्राफी में बदलाव और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश ने नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन अब भी दिमागी नक्सल का खतरा बना हुआ है। इससे निपटने के लिए देशवासियों को एकजुट रहना होगा।
विपक्ष पर पीएम मोदी का हमला, बोले- विरोध नहीं अवरोध की राजनीति हो रही
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि इस समय विपक्ष अपना कर्तव्य छोड़कर विरोध के बजाय अवरोध पक्ष बन चुका है। उन्होंने कहा कि अपनी हताशा और निराशा में कुछ लोग देश के विकास के सामने रुकावटें खड़ी कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि यह सामान्य राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि इसे ही कुछ लोगों ने अपनी राजनीति बना लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी ताकतें संविधान की मर्यादाओं को नुकसान पहुंचाने और देश में विभाजन की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मां भारती की संतानों को आपस में बांटने और लड़वाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने देशवासियों से इन गतिविधियों को समझने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाए रखने का आह्वान किया।
दिमागी नक्सल से सतर्क रहने की जरूरत: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में दिमागी नक्सल का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने सुदूर इलाकों में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है, लेकिन दिमागी नक्सल का खतरा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि देशवासियों को ऐसी ताकतों से हमेशा सतर्क रहना होगा। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया को हथियार की तरह इस्तेमाल करके अफवाहें फैलाई जा रही हैं और भारत की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है।
प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया कि कौन विदेश में गुप्त रूप से किससे मिल रहा है, भारत विरोधी ताकतें किसे समर्थन दे रही हैं और कौन भारत के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है? उन्होंने कहा कि देश को ऐसे पैटर्न पहचानने होंगे और मिलकर इनका मुकाबला करना होगा।
मार्च 2026 तक नक्सलवाद से प्रभावित नहीं रहा कोई जिला: PM मोदी
राष्ट्रीय एकता दिवस के संबोधन में प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर उन्होंने नक्सलवाद और माओवादी आतंक को समाप्त करने का संकल्प लिया था।
पीएम मोदी के मुताबिक, देश ने इस दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है और नक्सलवाद की कमर तोड़ी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि साल 2015 में देश के 126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे, लेकिन मार्च 2026 तक कोई भी जिला ऐसा नहीं रह गया था, जो नक्सलवाद से प्रभावित हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक हिंसा और खून-खराबे का सामना करने वाले इलाके अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। इन क्षेत्रों में सड़कों का विस्तार हो रहा है, मोबाइल नेटवर्क पहुंच रहा है और स्कूलों की सुविधाएं बेहतर हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि इन इलाकों के युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और आगे बढ़ने के नए अवसर खुल रहे हैं। पीएम मोदी ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के परिवारों की सराहना की और शांति स्थापित करने के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को नमन किया।
सरदार पटेल ने 550 से ज्यादा रियासतों को एकजुट किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके योगदान के बिना आज के भारत की कल्पना करना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद सरदार पटेल ने 550 से ज्यादा रियासतों को एकजुट करके भारत को एकता के सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक काम किया था। उन्होंने देश के भूगोल को जोड़ने के साथ-साथ भावनात्मक एकता की नींव भी मजबूत की।
पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल भारत की विविधता को कभी बाधा नहीं मानते थे, बल्कि इसे देश की एकता का आधार समझते थे। गुजरात में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में उनके योगदान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राष्ट्र के सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था।
उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का जिक्र करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर की ध्वजा ने हजार वर्षों के संघर्ष के बावजूद देश के स्वाभिमान और आस्था का संदेश दिया है।
सीमाओं की सुरक्षा, घुसपैठ रोकने और सेक्युलर सिविल कोड पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने भविष्य के लक्ष्यों का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता और मजबूत भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए अभी कई बड़े काम करने हैं।
उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित करना जरूरी है। इसके साथ ही घुसपैठ और डेमोग्राफी में हो रहे बदलावों को रोकने की दिशा में भी काम करना होगा।
पीएम मोदी ने सेक्युलर सिविल कोड की ओर आगे बढ़ने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जब भी देश बड़े संकल्प लेता है और बड़े फैसले करता है, तो रास्ते में बाधाएं और चुनौतियां आती हैं। लेकिन भारत अब रुकने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि एक भारत, श्रेष्ठ भारत का मंत्र और विकसित भारत का लक्ष्य अब देश के अटल संकल्प बन चुके हैं। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए देशवासियों को मेहनत की पराकाष्ठा करनी होगी।
दुनिया में संकट के बीच भारत की एकता सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में अशांति और संसाधनों का संकट बढ़ रहा है। ऐसे समय में भारत और भारतीयों की एकता देश के लिए सबसे बड़ा संबल है।
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के कई देशों में डीजल और पेट्रोल की खरीद पर भी सीमाएं लगाई गई हैं। ऐसी आशंकाएं भारत को लेकर भी जताई गई थीं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के लिए स्वतंत्रता जरूरी है, क्योंकि स्वतंत्रता मिलने के बाद देश अपने भविष्य का फैसला खुद कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता को सही दिशा गणतंत्र से मिलती है। संविधान देश को मर्यादाओं के भीतर फैसले लेने और जनता के प्रति जवाबदेह रहने का रास्ता दिखाता है। वहीं, राष्ट्रीय एकता देश को एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की शक्ति देती है।
जनभागीदारी का उत्सव बना राष्ट्रीय एकता दिवस
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के आयोजन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस बार कार्यक्रम सुबह के बजाय शाम को आयोजित किया गया। एकता नगर में भारत की एकता और विविधता के शानदार दर्शन हुए।
उन्होंने राष्ट्रीय एकता परेड को अद्भुत बताते हुए कहा कि यह पुलिस और सुरक्षा बलों के शौर्य, साहस और समर्पण को समर्पित रही। परेड और झांकियों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत और भविष्य की आकांक्षाओं को प्रदर्शित किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस अब केवल सरकारी आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से जन गौरव का उत्सव बन चुका है।
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे एकता, अखंडता और देश के विकास के संकल्प को मजबूत करें। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को विकसित और सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। देश को आने वाली चुनौतियों का सामना मिलकर करना होगा और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को आगे बढ़ाना होगा।














