न्यूज़भारतराजनीतिहेडलाइंस

National Unity Day 2026:राष्ट्रीय एकता दिवस पर एकता नगर में भव्य परेड, PM मोदी ने सरदार पटेल के योगदान को किया याद

National Unity Day 2026: उमाकांत त्रिपाठी।गुजरात के एकता नगर में शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को National Unity Day 2026 यानी राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन देश के पहले उपप्रधानमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर हुआ। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। इस दौरान 15 झांकियों और करीब 5,000 कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां समारोह का प्रमुख आकर्षण रहीं। कलाकारों ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को अपनी प्रस्तुतियों के जरिए प्रदर्शित किया।

AajTak+1

एकता नगर में आयोजित परेड में देश के अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और विविधता की झलक देखने को मिली। पुलिस बलों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों ने भी मार्च पास्ट के जरिए अपने अनुशासन, साहस और समर्पण का प्रदर्शन किया। इस बार परेड को पहले से ज्यादा भव्य और विविधतापूर्ण बनाया गया था। आयोजन के जरिए राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देश की सामूहिक शक्ति का संदेश दिया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों को संबोधित करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि इस महान देश का नागरिक होना गर्व की बात है। भारत की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में सरदार पटेल की भूमिका ऐतिहासिक रही है। आजादी के बाद उन्होंने 550 से अधिक रियासतों के एकीकरण में अहम भूमिका निभाई और देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया।

पीएम मोदी ने कहा- सरदार पटेल के बिना आज के भारत की कल्पना मुश्किल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के इतिहास की महान शख्सियत हैं। उनके योगदान के बिना आज के भारत के स्वरूप की कल्पना करना मुश्किल है। उन्होंने आजादी के बाद देश के सामने मौजूद चुनौतियों के बीच रियासतों को एकजुट करने का ऐतिहासिक काम किया।

पीएम मोदी ने कहा कि पटेल भारत की संस्कृति, चरित्र और चेतना को अच्छी तरह समझते थे। उनका मानना था कि देश की विविधता कोई बाधा नहीं है, बल्कि यही भारत की एकता का आधार है। भारत हजारों वर्षों से अलग-अलग भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के साथ एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ता आया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने केवल देश की भौगोलिक सीमाओं को एक नहीं किया, बल्कि लोगों के बीच भावनात्मक एकता को भी मजबूत बनाया। उनके प्रयासों ने भारत की राष्ट्रीय पहचान को मजबूती दी। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे देश में सांस्कृतिक पुनरुत्थान की शुरुआत हुई। इस वर्ष सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भी मनाया जा रहा है।

पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और राम मंदिर के पुनरुद्धार जैसे उदाहरणों का उल्लेख करते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की बात कही। उनके अनुसार, देश की सांस्कृतिक चेतना और आर्थिक प्रगति साथ-साथ आगे बढ़ रही हैं।

आजादी, गणतंत्र और एकता दिवस का बताया महत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व को भी समझाया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के लिए आजादी बेहद जरूरी होती है, क्योंकि स्वतंत्र राष्ट्र अपने भविष्य से जुड़े फैसले खुद ले सकता है। हालांकि, आजादी को सही दिशा गणतंत्र से मिलती है।

उन्होंने कहा कि गणतंत्र हमें संविधान की मर्यादा में रहकर आगे बढ़ने का रास्ता दिखाता है। संविधान सरकार और संस्थाओं को जनता के प्रति जवाबदेह बनाता है, जबकि राष्ट्रीय एकता देश को एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की ताकत देती है। इसलिए स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और एकता दिवस तीनों का अपना विशेष महत्व है।

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता परेड में एक बार फिर भारत की एकता और विविधता के विराट दर्शन हुए हैं। इस वर्ष की परेड में पुलिस और सुरक्षा बलों के शौर्य, साहस और समर्पण को प्रमुखता दी गई। साथ ही देश की विरासत और भविष्य की आकांक्षाओं को भी प्रस्तुत किया गया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन अब केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जनभागीदारी के जरिए यह जन गौरव का उत्सव बनता जा रहा है। प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं और सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

वामन वृक्ष वाटिका पहुंचे पीएम मोदी, बोनसाई के संग्रह की तारीफ की

राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के एकता नगर स्थित वामन वृक्ष वाटिका का भी दौरा किया। यहां उन्होंने बोनसाई के खूबसूरत संग्रह, थीम आधारित गार्डन और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इस स्थान की विशेषताओं का उल्लेख किया।

पीएम मोदी ने कहा कि वामन वृक्ष वाटिका में बोनसाई का शानदार संग्रह देखने को मिला। यह जगह प्रकृति की सुंदरता और रचनात्मकता को करीब से समझने का बेहतरीन अवसर देती है। उन्होंने यहां पर्यटकों के लिए उपलब्ध ‘Make Your Own Bonsai’ अनुभव की भी तारीफ की। इस गतिविधि के जरिए पर्यटक खुद बोनसाई तैयार करने की प्रक्रिया को समझ सकते हैं।

वामन वृक्ष वाटिका एकता नगर के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल है। यहां छोटे आकार में विकसित किए गए पेड़ों के जरिए प्रकृति की सुंदरता और बागवानी की कला को प्रदर्शित किया गया है। प्रधानमंत्री का यह दौरा राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों के साथ एकता नगर के पर्यटन स्थलों को भी चर्चा में ले आया।

VTV Gujarati+1

15 झांकियों में दिखी भारत की विरासत और एकता की तस्वीर

राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड में कुल 15 झांकियां शामिल की गईं। इन झांकियों के जरिए देश की सांस्कृतिक विरासत, राज्यों की विविधता और लोगों की आकांक्षाओं को प्रदर्शित किया गया। इस वर्ष आयोजन की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ से जुड़ी थीम को भी महत्व दिया गया।

करीब 5,000 कलाकारों ने अलग-अलग राज्यों की लोक कलाओं, संगीत और नृत्य परंपराओं के जरिए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का संदेश दिया। इस आयोजन में नागरिकों की भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया। झांकियों के डिजाइन के लिए नागरिकों से प्रतियोगिताओं के माध्यम से सुझाव और डिजाइन आमंत्रित किए गए थे।

Press Information Bureau+1

परेड में राज्य पुलिस बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा संगठनों के जवानों ने भी हिस्सा लिया। इस बार सुरक्षा बलों की भूमिका और उनके योगदान को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की ओर से ‘नक्सल मुक्त भारत’ विषय पर विशेष नाट्य प्रस्तुति भी रखी गई थी, जिसमें करीब 2,000 कलाकारों के शामिल होने की योजना थी।

इस तरह एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में देश की सांस्कृतिक विविधता, सुरक्षा बलों का योगदान और सरदार पटेल की विरासत एक साथ देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के जरिए देशवासियों को एकता, संविधान और राष्ट्रीय जिम्मेदारी का संदेश दिया।

Related Posts

1 of 921

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *