Firozabad Nursing Student Suicide: खबर इंडिया की।उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में नर्सिंग छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती दिनों में जिस घटना को लेकर हत्या और दुष्कर्म के प्रयास के आरोप लगाए गए थे, पुलिस जांच में वह आत्महत्या का मामला सामने आया है। Firozabad Nursing Student Suicide मामले में पुलिस के मुताबिक, छात्रा प्रीति अपने प्रेमी के मोबाइल नंबर ब्लॉक करने से परेशान थी। दोनों के बीच करीब दो साल से प्रेम संबंध थे।
पुलिस का दावा है कि 27 अक्टूबर की शाम दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद प्रेमी अमन ने प्रीति का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। छात्रा ने कई बार फोन करके उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। उसने प्रेमी के दोस्त और बहन से भी उसे समझाने की बात कही थी। इसके बावजूद जब संपर्क नहीं हुआ तो वह मानसिक रूप से परेशान हो गई।
पुलिस के मुताबिक, इसी परेशानी में प्रीति हॉस्टल की दीवार फांदकर बाहर निकली और रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर ट्रेन के आगे कूद गई। मामले में पुलिस ने उसके प्रेमी अमन को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, छात्रा के परिजनों की ओर से कॉलेज संचालक और उनके बेटे पर लगाए गए आरोपों की जांच में उनकी भूमिका सामने नहीं आई है।
27 अक्टूबर की रात हॉस्टल से निकली थी छात्रा
पूरा मामला जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित फिरोजाबाद स्कूल ऑफ नर्सिंग हॉस्पिटल का है। मैनपुरी जिले के औंछा क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय प्रीति यहां जीएनएम फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रही थी।
जानकारी के मुताबिक, 27 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे प्रीति हॉस्टल में खाना खाने के बाद अपनी सहेलियों से सोने की बात कहकर वहां से निकल गई थी। वह हॉस्टल की बाउंड्री वॉल फांदकर बाहर चली गई।
अगले दिन यानी 28 अक्टूबर को उसका शव कॉलेज से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर रसीदपुर कनैटा रेलवे फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
इसके बाद परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। प्रीति के पिता सोनपाल और भाई रोहित कठेरिया ने कॉलेज के संचालक एवं प्रिंसिपल सुरेंद्र दक्ष और उनके बेटे यश दक्ष के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म के प्रयास और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
प्रेमी ने मोबाइल नंबर ब्लॉक किया तो परेशान हुई प्रीति
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रीति का सिरसागंज निवासी 23 वर्षीय अमन से पिछले करीब दो साल से प्रेम संबंध था। अमन लखनऊ के बीबीडी कॉलेज से पॉलिटेक्निक की पढ़ाई कर रहा है।
एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद के मुताबिक, दोनों के बीच 26 अक्टूबर तक लगातार बातचीत हो रही थी। हालांकि, 27 अक्टूबर की शाम किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद अमन ने प्रीति का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया।
पुलिस के अनुसार, नंबर ब्लॉक होने के बाद प्रीति ने कई बार अमन से संपर्क करने की कोशिश की। उसने लगातार फोन किए, लेकिन अमन ने उसका नंबर अनब्लॉक नहीं किया।
बताया गया है कि प्रीति ने अमन के दोस्त और उसकी बहन से भी संपर्क कर दोनों के बीच बातचीत कराने और उसे समझाने के लिए कहा था। हालांकि, उसकी कोशिश सफल नहीं हुई।
पुलिस का कहना है कि प्रेमी से संपर्क नहीं हो पाने के कारण प्रीति काफी परेशान थी। इसी के बाद उसने हॉस्टल से निकलकर रेलवे ट्रैक पर पहुंचने और आत्महत्या करने का कदम उठाया।
मोबाइल की CDR से खुला प्रेम प्रसंग का मामला
शुरुआत में परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस कॉलेज संचालक और उनके बेटे की भूमिका की जांच कर रही थी। लेकिन मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन कब्जे में लिया।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की। हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं से भी पूछताछ की गई।
इसी जांच में पुलिस को अमन का मोबाइल नंबर मिला। कॉल डिटेल से पता चला कि प्रीति और अमन लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे।
इसके बाद पुलिस ने अमन की पहचान कर उसके घर पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने प्रेम संबंध और दोनों के बीच हुए विवाद से जुड़ी जानकारी सामने आने का दावा किया है।
कॉलेज प्रिंसिपल और बेटे के खिलाफ नहीं मिले सबूत
प्रीति की मौत के बाद उसके परिवार ने कॉलेज के प्रिंसिपल सुरेंद्र दक्ष और उनके बेटे यश दक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। परिवार का कहना था कि छात्रा के साथ कॉलेज में गलत व्यवहार किया गया था और इसी वजह से उसकी मौत हुई।
पुलिस ने इन आरोपों की भी जांच की। इसके तहत दोनों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन की पड़ताल की गई।
पुलिस के मुताबिक, पिछले दो महीने के दौरान प्रीति की दोनों आरोपियों से फोन पर बातचीत का रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके अलावा घटना वाली रात भी दोनों की लोकेशन कॉलेज या घटनास्थल के आसपास नहीं पाई गई।
जांच में फिलहाल कॉलेज प्रिंसिपल और उनके बेटे की घटना में भूमिका सामने नहीं आई है। पुलिस ने प्रेमी अमन को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है।
गिरफ्तारी नहीं होने पर परिजनों ने किया था प्रदर्शन
छात्रा की मौत के बाद परिवार के लोग लगातार कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। कॉलेज चेयरमैन और उनके बेटे की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजनों ने शनिवार को सिविल लाइन पुलिस चौकी के सामने धरना दिया था।
परिजन करीब चार घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इस दौरान रिश्तेदारों ने छात्रा का शव कब्र से निकलवाकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग भी उठाई थी।
परिवार के विरोध के बीच कब्र से शव निकालने की कार्रवाई हुई थी। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर दोबारा दफना दिया था।
इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, व्हाट्सएप चैट, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और हॉस्टल की छात्राओं के बयान को जांच का आधार बनाया।
एसपी सिटी ने क्या बताया?
एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आए डिजिटल साक्ष्यों और हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं से पूछताछ के आधार पर मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा पाया गया। पुलिस ने इसी आधार पर छात्रा के प्रेमी अमन को गिरफ्तार किया है।
पुलिस का कहना है कि छात्रा की मौत के पीछे कॉलेज प्रबंधन की भूमिका के आरोपों की जांच की गई, लेकिन उपलब्ध कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन से उनकी संलिप्तता सामने नहीं आई।
फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर युवाओं में रिश्तों से जुड़े तनाव और मानसिक परेशानियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति की आत्महत्या के पीछे कई परिस्थितियां हो सकती हैं। ऐसे मामलों में जांच के निष्कर्षों और सभी संबंधित साक्ष्यों को ध्यान में रखना जरूरी है।














