उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के 65वें वार्षिक अधिवेशन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था में ऑटो इंडस्ट्री की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि- भारत को आत्मनिर्भर बनाने की राह में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री और सरकार की साझेदारी बेहद जरूरी है। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि- विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन में आत्मनिर्भरता हासिल करनी होगी। इस दौरान SIAM अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने भी इंडस्ट्री से पीएम मोदी के नेतृत्व का समर्थन करने की अपील की।
ग्रीन और स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन पर फोकस
पीएम ने कहा कि- भारत तेजी से ग्रीन और स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में निवेश और सहयोग के लिए असीमित संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ऑटो सेक्टर ने न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है बल्कि आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाया है।प्रधानमंत्री ने ऑटो इंडस्ट्री को ‘मेक इन इंडिया’ पहल का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि इसने दुनिया का भरोसा भारतीय मैन्युफैक्चरिंग पर बढ़ाया है और भारत को ऑटोमोटिव हब के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई है।मोदी ने कहा कि- मजबूत नीतियों और दूरदर्शी सुधारों के साथ भारत तेजी से एक भविष्य के लिए तैयार ट्रांसपोर्टेशन इकोसिस्टम बना रहा है। आधुनिक तकनीक और वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर का यह मेल भारत की विकास गाथा की रीढ़ साबित होगा।
सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और EVs पर बढ़ा भरोसा
उन्होंने बताया कि- ऑटो सेक्टर सस्टेनेबिलिटी की ओर बढ़ रहा है और ग्रीन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और अन्य टिकाऊ विकल्पों पर फोकस कर रहा है। यह बदलाव भारत के क्लीन मोबिलिटी लक्ष्यों को मजबूत करता है और डिजाइन से लेकर प्रोडक्शन और डिप्लॉयमेंट तक नए अवसर पैदा करता है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में स्टार्टअप्स की बढ़ती भूमिका को भी सराहा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र देश के लिए नए मौके खोल रहा है।
पीएम ने कि SIAM की भूमिका की तारीफ
पीएम मोदी ने SIAM की उस भूमिका की भी प्रशंसा की, जिसके जरिए नीति निर्माताओं, उद्योग और शोधकर्ताओं के बीच उत्साहजनक संवाद हुआ है। पीएम ने कहा, “चाहे वह उत्सर्जन, सुरक्षा या इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौती हो SIAM ने हमे














