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पीएम मोदी ने दिया ‘ग्रामीण लाइब्रेरी’ का विजन, बताया कैसे पुराने अखबार-पत्रिकाओं से होगा देश का विकास

उमाकांत त्रिपाठी।भारत के छोटे- छोटे गांवों और कस्बों में पढ़ने और अर्थपूर्ण चर्चा की परंपरा विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बेहतरीन विचार दिया है। पुरानी पुस्तकों, पत्रिकाओं और समाचार पत्रों के नए तरह के उपयोग से इन स्थानों के लोगों की बौद्धिकता बढ़ेगी और राष्ट्र के विकास में मदद मिलेगी।केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने सोमवार को एक्स पर मोदी स्टोरी हैंडल के जरिये एक वीडियो साझा किया। इसमें संसद सदस्यों के साथ मुलाकात के अवसर पर पीएम मोदी ने एक बार पढ़े जाने के बाद कबाड़ के रूप में देखी जाने वाली पुस्तकों, पत्रिकाओं और समाचार पत्रों की असीमित शक्ति का विचार पेश किया।

पीएम मोदी ने की सामुदायिक पुस्तकालय बनने की पहल
वीडियो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि- इन पुस्तकों – पत्र-पत्रिकाओं आदि का उपयोग छोटे सामुदायिक पुस्तकालय बनाने में किया जा सकता है। विशेषरूप से उन स्थानों पर जहां पुस्तकों आदि तक पहुंच बेहद सीमित है।

जानिए-पीएम मोदी ने क्या सुझाव दिए?
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सांसदों से उपयोग के बाद बेकार हो चुके पुराने समाचार पत्र-पत्रिकाएं और पुस्तकें एकत्रित करने के लिए कहा। इन्हें ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर मेज के ऊपर रखा जाए, जहां लोग आएं और पढ़ें। छोटे गांवों में ऐसी पर्याप्त जगहें हैं जहां 10-20 लोग एकजुट होकर साथ बैठ सकते हैं।

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