मुजफ्फरनगर/नोएडा: Bareilly Shamli Women Marriage का मामला इन दिनों सोशल मीडिया और उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। बरेली और शामली की रहने वाली दो बालिग युवतियों ने दावा किया है कि उन्होंने अपनी मर्जी से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शादी की है। दोनों का कहना है कि वे एक-दूसरे से प्यार करती हैं, इस रिश्ते में किसी प्रकार का दबाव नहीं है और वे साथ रहना चाहती हैं। साथ ही दोनों ने परिवार और समाज के कुछ लोगों से खतरा बताते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारत में वर्तमान कानून के अनुसार समलैंगिक विवाह (Same-Sex Marriage) को कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं है। दोनों युवतियों ने मंदिर में विवाह जैसी रस्में निभाने और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की बात कही है, लेकिन इससे वैधानिक विवाह का दर्जा स्वतः प्राप्त नहीं होता।
नोएडा में हुई मुलाकात, फिर दोस्ती प्यार में बदली
जानकारी के अनुसार, बरेली के पट्टी भोजपुरी गांव की रहने वाली 22 वर्षीय पायल और शामली जिले के बुटराड़ा गांव की रहने वाली 23 वर्षीय प्रीति नोएडा में काम के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आई थीं।
दोनों की मुलाकात धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और फिर यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। दोनों करीब एक साल तक साथ रहीं। इस दौरान उन्होंने साथ जीवन बिताने का फैसला किया।
23 जून को दोनों मुजफ्फरनगर पहुंचीं, जहां उन्होंने मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह जैसी रस्में निभाईं। इसके बाद दोनों ने अदालत जाकर आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
दोनों युवतियों का दावा- हमने अपनी मर्जी से लिया फैसला
शादी के बाद सामने आए वीडियो में दोनों युवतियां कहती हैं कि वे बालिग हैं और अपनी इच्छा से साथ रहने का फैसला किया है।
उनका कहना है कि इस रिश्ते में किसी प्रकार का दबाव, धोखा या जबरदस्ती नहीं है। दोनों ने कहा कि वे अपने फैसले से पूरी तरह संतुष्ट हैं और एक-दूसरे के साथ खुशहाल जीवन बिताना चाहती हैं।
पायल ने कहा कि उसने किसी के दबाव में यह निर्णय नहीं लिया है और वह भविष्य में भी प्रीति के साथ रहना चाहती है।
परिवार और समाज से विरोध, पुलिस से सुरक्षा की मांग
दोनों युवतियों का कहना है कि उनके इस फैसले का परिवार और समाज के कुछ लोग विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है। इसी वजह से उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि वे किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहतीं, बल्कि केवल सुरक्षित माहौल में साथ रहना चाहती हैं।
पुलिस की ओर से सुरक्षा संबंधी मांग पर क्या कार्रवाई की जाएगी, इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
“मुझे लड़कों में इंटरेस्ट नहीं”
वीडियो में पायल ने कहा कि उसे लड़कों में कोई रुचि नहीं है और वह अपनी इच्छा से प्रीति के साथ जीवन बिताना चाहती है।
उसने कहा कि उसके परिवार को इस फैसले की जानकारी है, लेकिन वे इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
पायल का कहना है कि उसका निर्णय पूरी तरह व्यक्तिगत है और वह अपने जीवन के बारे में स्वयं फैसला लेने का अधिकार रखती है।
प्रीति बोलीं- जरूरत पड़ी तो बच्चा गोद लेंगे
प्रीति ने कहा कि वह इस रिश्ते में परिवार की जिम्मेदारियां निभाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि उन्हें अपने जैविक बच्चे होने या वंश बढ़ाने की चिंता नहीं है। यदि भविष्य में जरूरत महसूस होगी, तो वे कानूनी प्रक्रिया के अनुसार बच्चा गोद लेने पर विचार कर सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों साथ खुश रहें और सम्मान के साथ जीवन बिताएं।
कानूनी स्थिति क्या कहती है?
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2018 में समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था। हालांकि, अक्टूबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने का फैसला संसद पर छोड़ दिया था।
यानी वर्तमान समय में भारत में समलैंगिक जोड़ों के विवाह को वैधानिक मान्यता प्राप्त नहीं है। ऐसे में मंदिर में रस्में निभाने या निजी समारोह आयोजित करने से कानूनी विवाह का दर्जा नहीं मिलता।
इसलिए इस तरह के मामलों में सामाजिक और व्यक्तिगत निर्णय अलग हो सकते हैं, जबकि कानूनी स्थिति अलग रहती है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
दोनों युवतियों का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने के अधिकार से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग धार्मिक और सामाजिक परंपराओं के आधार पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।
इस बीच, पुलिस सुरक्षा की मांग को लेकर भी चर्चा तेज है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल दोनों युवतियों ने सार्वजनिक रूप से साथ रहने की इच्छा जताई है और सुरक्षा की मांग की है। यदि उन्हें किसी प्रकार का खतरा महसूस होता है, तो पुलिस कानून के अनुसार उनकी शिकायत पर कार्रवाई कर सकती है।
हालांकि, उनके रिश्ते की सामाजिक स्वीकृति और कानूनी स्थिति दो अलग-अलग विषय हैं। भविष्य में इस मामले में यदि कोई प्रशासनिक या न्यायिक कार्रवाई होती है, तो तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।















