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Agniveer Service Extension: अग्निवीरों का कार्यकाल बढ़ा, अब चार साल नहीं इतने साल कर सकेंगे सर्विस, CDS बोले- बेहतर परफॉर्मेंस पर नौकरी परमानेंट होगी

Agniveer Service Extension: अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल करने का ऐलान किया है। नई व्यवस्था के तहत चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। इससे अग्निवीरों को सेना में काम करने का अधिक समय मिलेगा और नियमित सेवा में शामिल होने का अवसर भी मिल सकेगा।

CDS के मुताबिक, बेहतर प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को स्थायी नौकरी पाने का मौका दिया जाएगा। सेवा विस्तार पाने वाले जवानों को बढ़ा हुआ वेतन और भत्ते भी मिलेंगे। फिलहाल देश की तीनों सेनाओं में करीब 3.18 लाख अग्निवीर सेवा दे रहे हैं। इस घोषणा के बाद अग्निपथ योजना और अग्निवीरों के भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

अग्निवीरों की सेवा अवधि 4 से बढ़कर 6 साल होगी

अभी तक अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को चार साल तक सेना में सेवा करने का मौका मिलता था। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जाता था। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से मुक्त कर दिया जाता था।

अब प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा। इस तरह उनकी कुल सेवा अवधि छह साल हो जाएगी।

इस बदलाव का उद्देश्य अग्निवीरों को सेना में अधिक समय तक सेवा करने का अवसर देना है। साथ ही सेना को प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों की सेवाएं लंबे समय तक मिल सकेंगी।

75% अग्निवीरों को मिलेगा एक्सटेंशन, वेतन-भत्ते भी बढ़ेंगे

नई व्यवस्था में 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल देने की बात कही गई है। इस दौरान उन्हें पहले की तुलना में बढ़ा हुआ वेतन और भत्ते दिए जाएंगे।

CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के मुताबिक, बेहतर प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को नियमित नौकरी का अवसर भी मिलेगा। छह साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना में बने रहने के इच्छुक अग्निवीर तय चयन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

हालांकि, नियमित सेवा में भर्ती अपने आप नहीं होगी। इसके लिए संबंधित सेना की जरूरतों और निर्धारित चयन मानकों को पूरा करना जरूरी होगा।

अग्निपथ योजना में पहले 25% अग्निवीरों को मिलता था स्थायी मौका

केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना में अन्य रैंक के पदों पर युवाओं की चार साल के लिए भर्ती की जाती है।

योजना के मौजूदा नियमों के अनुसार, हर बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है।

इसके लिए अग्निवीरों का प्रदर्शन, अनुशासन, योग्यता और सेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर चयन किया जाता है। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी होने पर सेवा से मुक्त किया जाता है।

अब नई व्यवस्था में इन्हीं 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने की बात कही गई है। इसके बाद वे नियमित भर्ती की चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर पा सकेंगे।

वायुसेना ने 712 अग्निवीरों को नियमित सेवा में रखा

अग्निवीरों के स्थायी रोजगार को लेकर भारतीय वायुसेना का फैसला भी चर्चा में रहा है। पिछले महीने वायुसेना ने अपने पहले अग्निवीर वायु बैच के 2,850 रिक्रूट्स में से 712 को नियमित सेवा में बनाए रखने का फैसला किया था।

यह फैसला अग्निवीरों के चयन और नियमित कैडर में शामिल होने की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि नियमित सेवा में शामिल होने के लिए प्रदर्शन और निर्धारित चयन प्रक्रिया अहम भूमिका निभाते हैं।

अग्निवीरों के भविष्य पर क्या होगा असर?

सेवा अवधि छह साल होने से अग्निवीरों को सेना में काम करने का अतिरिक्त अनुभव मिलेगा। दो साल के एक्सटेंशन के दौरान वे सैन्य प्रशिक्षण और कार्यप्रणाली को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।

इसके अलावा बढ़े हुए वेतन और भत्तों से उनकी आर्थिक स्थिति को भी लाभ मिल सकता है। नियमित सेवा में शामिल होने के इच्छुक युवाओं को चयन के लिए अतिरिक्त समय और अनुभव मिलेगा।

हालांकि, इस व्यवस्था के लागू होने से जुड़े विस्तृत नियम, चयन प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी सामने आना जरूरी है। अग्निवीरों को नियमित नौकरी मिलने की गारंटी नहीं होगी, बल्कि इसके लिए तय मानकों के आधार पर चयन किया जाएगा।

कुल मिलाकर, अग्निवीरों की सेवा अवधि छह साल करने का प्रस्ताव अग्निपथ योजना में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। इससे हजारों युवाओं के सैन्य करियर और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

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