खबर इंडिया की।आगरा में Agra Missing Case ने पुलिस और दोनों परिवारों की चिंता बढ़ा दी थी। 16 साल का 11वीं कक्षा का छात्र और उसे ट्यूशन पढ़ाने वाली 38 वर्षीय शिक्षिका एक ही समय के आसपास अपने-अपने घर से अचानक लापता हो गए थे। छात्र के परिवार ने जब उसकी तलाश शुरू की तो शिक्षिका के भी घर पर नहीं होने की जानकारी सामने आई। मामला इसलिए भी गंभीर हो गया क्योंकि छात्र नाबालिग था और दोनों के बीच उम्र का करीब 22 साल का अंतर था।
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। मोबाइल कॉल डिटेल, तकनीकी निगरानी और रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज की मदद से पुलिस को इस मामले में अहम सुराग मिले। जांच के दौरान दोनों को आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार होते देखा गया। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग शहरों में उनकी तलाश शुरू की और आखिरकार छात्र को नोएडा तथा शिक्षिका को मथुरा से सुरक्षित बरामद कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, दोनों को बरामद करने के बाद उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। परिवारों ने फिलहाल आगे किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से इनकार किया है।
स्कूल प्रोजेक्ट के नाम पर घर से निकला था छात्र
यह पूरा Agra Missing Case आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 16 वर्षीय छात्र शहर के एक पब्लिक स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ता है। परिवार के अनुसार, पढ़ाई को लेकर उसे घर में डांट पड़ती थी और वह इससे परेशान रहता था।
छात्र धांधूपुरा इलाके में 38 वर्षीय शिक्षिका से ट्यूशन पढ़ता था। चार अगस्त को वह स्कूल प्रोजेक्ट से जुड़े काम के लिए करीब तीन हजार रुपये लेकर घर से निकला था। उसने अपनी साइकिल एक दोस्त के घर पर खड़ी कर दी। परिवार को शुरुआत में लगा कि वह स्कूल या किसी जरूरी काम से गया होगा और कुछ समय बाद लौट आएगा।
लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी छात्र घर नहीं पहुंचा। परिवार ने रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों के यहां उसकी तलाश शुरू की। जब कहीं से भी जानकारी नहीं मिली तो पुलिस को सूचना दी गई।
छात्र की तलाश के दौरान परिवार को पता चला कि जिस शिक्षिका से वह ट्यूशन पढ़ता था, वह भी अपने घर पर मौजूद नहीं हैं। शिक्षिका विवाहिता हैं और उनके दो बच्चे हैं। एक नाबालिग छात्र और शिक्षिका के एक साथ लापता होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी।
पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल से शुरू की जांच
Agra Missing Case की जांच में पुलिस ने सबसे पहले दोनों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली। जांच में दोनों के बीच लंबे समय तक बातचीत होने की जानकारी सामने आई। इससे पुलिस को यह पता लगाने में मदद मिली कि दोनों के बीच लगातार संपर्क था।
इसके बाद पुलिस ने उन स्थानों के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए, जहां से दोनों के गुजरने की संभावना थी। इसी दौरान आगरा कैंट रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज पुलिस के हाथ लगी। फुटेज में दोनों ट्रेन में सवार होते दिखाई दिए।
रेलवे स्टेशन से मिले इस सुराग के बाद पुलिस ने संभावित रेलवे रूट और तकनीकी जानकारी के आधार पर दोनों की तलाश शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि छात्र पहले ग्वालियर पहुंचा था। इसके बाद उसके बयाना और कैलादेवी जाने की जानकारी सामने आई। कैलादेवी में दर्शन करने की बात भी जांच के दौरान सामने आई।
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर तलाश जारी रखी। इसी क्रम में छात्र को नोएडा और शिक्षिका को मथुरा से बरामद किया गया।
अलग-अलग शहरों से सुरक्षित बरामद हुए दोनों
पुलिस की जांच के अनुसार, कुछ समय तक छात्र और शिक्षिका साथ रहे, लेकिन बाद में वे अलग-अलग शहरों में चले गए। पुलिस ने तकनीकी निगरानी के जरिए उनकी लोकेशन का पता लगाया और दोनों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
नाबालिग छात्र की बरामदगी के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। वहीं शिक्षिका को भी उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए।
इस Agra Missing Case में पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती नाबालिग छात्र को सुरक्षित तलाशना थी। शुरुआत में अपहरण की आशंका को देखते हुए पुलिस ने गंभीरता से जांच की थी। छात्र के परिजनों की शिकायत के आधार पर ताजगंज थाने में अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई थी। दूसरी ओर, शिक्षिका के पति ने भी उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पूछताछ में शिक्षिका ने बताई छात्र को साथ ले जाने की वजह
पुलिस पूछताछ में शिक्षिका ने छात्र के घर से निकलने को लेकर अपना पक्ष रखा। उनके मुताबिक, छात्र पढ़ाई को लेकर घर में डांट पड़ने से परेशान था और कई बार उनके पास रोते हुए आता था।
शिक्षिका ने पुलिस को बताया कि चार अगस्त को छात्र ने उन्हें फोन किया था। उनके अनुसार, छात्र ने फोन पर आत्महत्या करने की बात कही थी। यह सुनकर वह घबरा गईं और छात्र को ऐसा कदम उठाने से रोकने के लिए उसे अपने साथ ले गईं।
शिक्षिका के मुताबिक, इसके बाद परिस्थितियां उनके नियंत्रण से बाहर होती चली गईं। बाद में उन्हें महसूस हुआ कि उनका फैसला गलत था, लेकिन वह वापस घर लौटने का साहस नहीं जुटा पा रही थीं। पुलिस ने पूछताछ के दौरान दोनों के बयान दर्ज किए हैं।
हालांकि, पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों और दोनों के बयानों को अलग-अलग स्तर पर देखा गया है। नाबालिग होने के कारण छात्र से जुड़े मामले में उसकी सुरक्षा और परिस्थितियों को प्राथमिकता दी गई।
परिवारों ने फिलहाल कार्रवाई से किया इनकार
दोनों की सुरक्षित बरामदगी के बाद पुलिस ने उनके परिवारों को इसकी जानकारी दी। छात्र और शिक्षिका को उनके-अपने परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, परिवारों से बातचीत के बाद फिलहाल अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
ताजगंज थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने दोनों को बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
इस पूरे Agra Missing Case में मोबाइल कॉल डिटेल और CCTV फुटेज पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग साबित हुए। शुरुआत में छात्र के अचानक गायब होने से परिवार परेशान था, लेकिन जब शिक्षिका के भी उसी समय लापता होने की जानकारी सामने आई तो जांच का दायरा बढ़ गया।
पुलिस ने तकनीकी निगरानी और रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। अलग-अलग शहरों तक पहुंचकर दोनों को सुरक्षित बरामद करना जांच की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
फिलहाल मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि 16 वर्षीय छात्र सुरक्षित अपने परिवार के पास पहुंच गया है। वहीं शिक्षिका भी अपने परिवार के पास लौट चुकी हैं। पुलिस ने मामले से जुड़े बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों को दर्ज किया है। घटना ने यह भी दिखाया कि किसी नाबालिग के अचानक घर से गायब होने पर शुरुआती घंटों में परिवार और पुलिस की सक्रियता कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।














