उमाकांत त्रिपाठी।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार 29 जून को तेलंगाना के निजामाबाद जिले में राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के मुख्यालय का उद्घाटन किया. इस अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि केंद्र ने 2030 तक हल्दी निर्यात में एक अरब अमेरिकी डॉलर हासिल करने का लक्ष्य रखा है.शाह ने कहा,कि- निजामाबाद को हल्दी की राजधानी के रूप में जाना जाता है. इस बोर्ड के शुरू होने के बाद 3-4 साल में ही निजामाबाद की हल्दी दुनिया भर के विभिन्न देशों तक पहुंच सकेगी. 2023 के चुनावों में प्रधानमंत्री ने हल्दी बोर्ड की घोषणा की और आज हमने अस्थायी मुख्यालय खोलने का काम भी शुरू कर दिया. हल्दी बोर्ड द्वारा अब पैकिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिससे किसानों को बिचौलियों से बचाया जा सकेगा.
उन्होंने कहा,कि- हमारे पास हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) भी है, जो वैश्विक स्तर पर 7.8 प्रतिशत से अधिक उपलब्ध नहीं है. हमने जैविक हल्दी का जीआई टैग उत्पादन और विपणन भी शुरू किया है. केंद्र सरकार 2030 तक हल्दी के निर्यात को 1 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. बोर्ड किसानों को उनकी हल्दी का अधिकतम मूल्य दिलाने के लिए काम करेगा.शाह ने कहा,कि- आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि भारत सरकार ने 2030 तक एक अरब डॉलर मूल्य की हल्दी निर्यात करने का लक्ष्य रखा है. हमने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक अरब डॉलर के निर्यात के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी तैयारी भी कर ली है. जो (हल्दी) बोर्ड बनेगा, वह यह सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा कि हल्दी का उच्चतम मूल्य किसानों तक पहुंचे.
हल्दी किसानों के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित
तेलंगाना भाजपा ने रविवार को एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले हल्दी बोर्ड की स्थापना की घोषणा की थी और अब उन्होंने किसानों से किए गए वादे के अनुसार उनका सपना पूरा कर दिया है. पोस्ट में कहा गया कि- प्रधानमंत्री मोदी ने हल्दी की फसल की गुणवत्ता सुधारने, अनुसंधान करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
हल्दी बोर्ड किसानों की मांग
हल्दी बोर्ड की स्थापना निजामाबाद के हल्दी किसानों की प्रमुख मांग रही है और यह प्रमुख चुनावी मुद्दा भी था. निजामाबाद से भाजपा के सांसद डी अरविंद ने हल्दी बोर्ड स्थापित करने का वादा किया था. वह 2019 के लोकसभा चुनाव में तेलंगाना के तत्कालीन मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता को हराया था और 2024 में फिर से सांसद चुने गए.














