उमाकांत त्रिपाठी।पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को बंगाल में बीजेपी की ‘परिवर्तन यात्रा’ का शुभारंभ किया। अमित शाह ने दक्षिण 24 परगना के मथुरापुर में यात्रा को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे पर बीजेपी के रुख का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभी मतदाता सूची से केवल घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में पूर्ण बहुमत के साथ पार्टी के सत्ता में आने के बाद उन्हें राज्य से बाहर निकाल दिया जाएगा। इस दौरान अमित शाह ने बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने पर 45 दिन के अंदर सातवां वेतन आयोग ( 7th Pay Commission ) लागू करने का वादा किया।
बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मथुरापुर रैली से बड़ा वादा किया है। अमित शाह ने कहा कि जब मई 2026 में पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनेगी, तो 45 दिनों के अंदर सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि- 15 साल से ममता बनर्जी ने राज्य में सातवां वेतन आयोग लागू नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के निर्देशों के बावजूद सरकारी कर्मचारियों को उनके सही बकाए से वंचित रखा जा रहा है। जिसमें पेंडिंग महंगाई भत्ता (DA) भी शामिल है।
बंगाल के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के साथ मजबूती से खड़ी है बीजेपी
अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारी निष्पक्षता, सम्मान और आर्थिक न्याय के हकदार हैं। देरी और इनकार के नहीं। बीजेपी बंगाल के लाखों राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के साथ मजबूती से खड़ी है। हम यह पक्का करने के लिए कमिटेड हैं कि उनके जायज अधिकारों की रक्षा हो और उन्हें ट्रांसपेरेंट तरीके से और प्रायोरिटी पर सभी लाभ दिया जाए।
टीएमसी ने बंगाल को घुसपैठियों का स्वर्ग बनाया
शनिवार को संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद राज्य में अपने पहले दौरे पर आए अमित शाह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बंगाल को घुसपैठियों का स्वर्ग बना दिया था और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल की ओर से अवैध अप्रवासन की अनुमति देने के कारण सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा खतरे में है। उन्होंने कहा कि बंगाल एक सीमावर्ती राज्य है। टीएमसी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती। क्योंकि वे घुसपैठ की अनुमति देते हैं। केवल बीजेपी ही बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्य को सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
हिंदू शरणार्थियों को दिया भरोसा
अमित शाह की ये टिप्पणी शनिवार को प्रकाशित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद की मतदाता सूचियों की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें नवंबर में शुरू हुई इस प्रक्रिया के बाद से 63.66 लाख नाम हटाए गए हैं। जो मतदाताओं का 8.3 प्रतिशत है। इससे मतदाताओं की संख्या घटकर सिर्फ 7.04 करोड़ से थोड़ी अधिक रह गई है और 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले निर्वाचन क्षेत्रों के समीकरण में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। उन्होंने घुसपैठिए कहे जाने वाले लोगों और पड़ोसी देशों से उत्पीड़न के कारण पलायन कर आए अल्पसंख्यकों के बीच भेद रेखांकित करने का प्रयास करते हुए कहा कि मैं हिंदू शरणार्थियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनमें से एक भी अपनी नागरिकता नहीं खोएगा।
ममता बनर्जी पर बोला हमला
अमित शाह ने कहा कि अभी तो सिर्फ मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं और ममता दीदी घबराई हुई हैं। भाजपा के सत्ता में आने के बाद हम बंगाल से हर घुसपैठिए की पहचान कर उसे बाहर निकाल देंगे। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बीजपी के पूर्ण बहुमत से सत्ता में आने पर घुसपैठ और भ्रष्टाचार रुक जाएगा और उन्होंने इस आरोप को दोहराया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार सीमाओं की सुरक्षा करने में विफल रही है। तीखे व्यक्तिगत हमले में उन्होंने आरोप लगाया कि बनर्जी मंदिरों का उद्घाटन करने में व्यस्त हैं, जबकि बंगाल में बाबरी मस्जिद के निर्माण की अनुमति दे रही हैं।
बंगाल में बाबरी के निर्माण पर क्या बोलेशाह?
उन्होंने यह भी दावा किया कि- तृणमूल कांग्रेस के नेता हुमायूं कबीर का बाहर होना ऐसी मस्जिद के निर्माण को सुगम बनाने के लिए रची गई सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। कबीर ने पिछले साल दिसंबर में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद की नींव रखी थी। शाह ने कहा कि अगर यहां के लोग टीएमसी को दोबारा वोट देने की गलती करते हैं, तो बंगाल में ममता दीदी के बजाय भतीजे अभिषेक बनर्जी की सरकार होगी। राज्य में 2026 के विधानसभा चुनावों से कुछ ही महीने पहले हुए व्यापक चुनावी कवायद में, 116 दिनों के एसआईआर अभियान के तहत, 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को विचाराधीन श्रेणी में रखा गया है, जिनकी पात्रता अब आने वाले हफ्तों में न्यायिक जांच के अधीन होगी।












