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जल्द लॉन्च होगी सहकारी टैक्सी सेवा, टैक्सी चालकों को मिलेगा लाभ, गृहमंत्री अमित शाह ने किया ऐलान

उमाकांत त्रिपाठी।केंद्र सरकार एक नई योजना लेकर आ रही है, जिससे टैक्सी चालकों को बड़ा फायदा मिलेगा। जल्द ही ओला और उबर की तरह एक सहकारी टैक्सी सेवा शुरू होगी, जहां दोपहिया और चारपहिया टैक्सियां चलेंगी। लेकिन इसमें सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसका सारा मुनाफा सीधे टैक्सी चालकों को मिलेगा, किसी बड़े बिजनेसमैन को नहीं। लोकसभा में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बताया कि सरकार एक सहकारी बीमा कंपनी भी शुरू करने जा रही है। आने वाले सालों में यह देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी बन सकती है।सरकार का यह कदम आम लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और सहकारिता मॉडल को नई तकनीक से जोड़ने की कोशिश है। यह योजना ट्रांसपोर्ट और बीमा सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है और लोगों के लिए नए अवसर खोल सकती है।

ये विश्वविद्यालय त्रिभुवन दास पटेल के नाम पर होगा-शाह
लोकसभा में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक 2025 पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा कि- ये विश्वविद्यालय त्रिभुवन दास पटेल के नाम पर होगा, जिन्होंने अमूल जैसी क्रांतिकारी सहकारी दुग्ध उत्पादक समिति की नींव रखी थी। 250 लीटर दूध उत्पादन से लेकर अमूल को विश्व की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी बनाने तक की उनकी यात्रा प्रेरणादायक है। लोकसभा ने इस विधेयक को विपक्ष के संशोधनों को खारिज करते हुए पारित कर दिया।

हर ग्राम पंचायत में होगी प्राथमिक कृषि ऋण समिति खोली जाएगी
करीब तीन घंटे तक चली चर्चा के दौरान अमित शाह ने ये भी ऐलान किया कि- अगले लोकसभा चुनाव से पहले देश की हर ग्राम पंचायत में प्राथमिक कृषि ऋण समिति (PACS) खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया गया है, जिससे पंचायत स्तर पर PACS खोलने की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।

सहकार से समृद्धि जमीन स्तर पर लागू
शाह ने कहा कि- प्रधानमंत्री मोदी ने केवल ‘सहकार से समृद्धि’ का नारा नहीं दिया, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर लागू भी किया है। सहकारी टैक्सी सेवा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका लाभ धन्ना सेठों को नहीं, बल्कि सीधे टैक्सी ड्राइवरों को मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

गुजरात में स्थापना, लेकिन पूरा देश होगा कार्यक्षेत्र
सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये विश्वविद्यालय गुजरात में स्थित होगा, लेकिन इसका कार्यक्षेत्र पूरे भारत में फैला होगा। हर राज्य में सहकारी संस्थानों को पंजीकृत किया जाएगा और इसी विश्वविद्यालय से प्रशिक्षित मानव संसाधन सहकारी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि डिग्री और डिप्लोमा धारकों को ही सहकारी संस्थानों में नौकरियां मिलेंगी, जिससे इस क्षेत्र में कुशलता बढ़ेगी। विश्वविद्यालय डिप्लोमा, डिग्री और पीएचडी कोर्स भी उपलब्ध कराएगा, जिससे सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ तैयार किए जा सकें।

पश्चिम बंगाल में भी लागू होगी आयुष्मान योजना
शाह ने लोकसभा में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष के विरोध का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने गरीबों को आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया है। दिल्ली में इस योजना को लागू किया जा चुका है, लेकिन पश्चिम बंगाल अभी भी इससे वंचित है। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले चुनाव में वहां भी कमल खिलेगा और आयुष्मान योजना लागू हो जाएगी।

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