उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल दौरे का आज आखिरी दिन हैं। मोदी दौरे के दूसरे दिन सबसे पहले यरूशलम के होलोकॉस्ट मेमोरियल ‘याद वाशेम’ पहुंचे। यहां उन्होंने हिटलर के नाजी शासन में मारे गए 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि दी।इसके बाद इजराइली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात की। इस दौरान इसाक ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है, जो पूरी दुनिया का ध्यान खींच रही है। वहीं, पीएम मोदी ने इजराइली राष्ट्रपति को भारत आने का न्योता दिया।
फिर पीएम मोदी और इजराइली पीएम नेतन्याहू ने द्विपक्षीय मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान बताया गया है कि इजराइल में भी अब भारत का UPI पेमेंट सिस्टम चलेगा। PM मोदी ने कहा कि भारत जल्द इजराइल के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) करेगा।मोदी बुधवार को इजराइल पहुंचे थे। नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने एयरपोर्ट पर मोदी को रिसीव किया था। इसके बाद पीएम मोदी ने इजराइली संसद नेसेट को भी संबोधित किया। उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ दिया गया। मोदी नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।
पीएम मोदी के संबोधन की 7 अहम बातें…
इजराइल में स्वागत पर- मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और वहां की जनता का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया। नेसेट (इजराइली संसद) से मिले सम्मान को उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों और भारत-इजराइल दोस्ती को समर्पित किया।
भारत-इजराइल रिश्ते और मजबूत होंगे- दोनों देशों के रिश्ते भरोसे, लोकतंत्र और इंसानी मूल्यों पर बने हैं। अब इस रिश्ते को स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने का फैसला हुआ है। यह दोनों देशों के लोगों की उम्मीदों को दर्शाता है।
व्यापार और टेक्नोलॉजी में सहयोग- दोनों देश व्यापार और निवेश बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। जल्द ही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा करने की कोशिश होगी। AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिज जैसे क्षेत्रों में साथ काम होगा। इजराइल में UPI इस्तेमाल के लिए समझौता हुआ है।
रक्षा, अंतरिक्ष और ऊर्जा सहयोग- रक्षा क्षेत्र में दोनों दोशों का भरोसेमंद सहयोग है, जिसे और बढ़ाया जाएगा। जॉइंट डेवलपमेंट, प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर काम होगा। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और स्पेस सेक्टर में भी साझेदारी बढ़ेगी।
किसानों और गांवों के लिए नई पहल- कृषि क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग पहले से सफल रहा है। भारत में इजराइल की मदद से बने सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस की संख्या 100 तक बढ़ाई जाएगी। गांव-गांव तक नई खेती तकनीक पहुंचाने के लिए “विलेज ऑफ एक्सीलेंस” बनाए जाएंगे। इससे किसानों की आय और उत्पादन बढ़ेगा।
लोगों और युवाओं को जोड़ने पर जोर- भारतीय कामगारों ने इजराइल में मेहनत से भरोसा जीता है। अब सहयोग को कॉमर्स और सर्विस सेक्टर तक बढ़ाया जाएगा। युवाओं और रिसर्चर्स को जोड़ने के लिए इंडिया-इजराइल अकादमिक फोरम बनेगा।
वैश्विक मुद्दों पर साझेदारी- दोनों देशों ने IMEC कॉरिडोर और I2U2 ग्रुप जैसे प्रोजेक्ट आगे बढ़ाने पर चर्चा की। भारत और इजराइल का साफ संदेश है, दुनिया में आतंकवाद की कोई जगह नहीं। पश्चिम एशिया में शांति भारत के लिए भी जरूरी है, इसलिए भारत संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है।












