उमाकांत त्रिपाठी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवाद शैली न केवल दिल को छू जाती है, बल्कि हर किसी को जोश-जज्बे और जुनून से भी भर देती है. मंगलवार को ऐसा ही वाकयाश्रीनारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच ऐतिहासिक वार्ता के शताब्दी समारोह की बैठक में देखने को मिला.
पीएम मोदी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, भारत दुनिया की तीसरी बड़ी शक्ति बनने की ओर है. इसके लिए आर्थिक, सामाजिक और सैन्य शक्ति जरूरी है. हाल में दुनिया ने ये भी देखा है कि भारत का सामर्थ्य क्या है. फिर उन्हें इशारों ही इशारों के साथ कुछ पल की खामोशी दिखाई और सिर्फ दो शब्द कहे… ऑपरेशन सिंदूर. बस इतना सुनते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा.
पीएम मोदी ने कहा,कि- ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कठोर नीति को दुनिया के सामने एकदम स्पष्ट कर दिया है. हमने दिखा दिया है कि भारतीयों का खून बहाने वाले आतंकियों के लिए कोई भी ठिकाना सुरक्षित नहीं है. आज का भारत देशहित में जो भी हो सकता है, जो भी सही है. पीएम ने कहा,कि- भारत ने 22 मिनट में ही दुश्मन को घुटने पर ला दिया था. आज का भारत देशहित में कदम उठाता है. आज सैन्य जरूरतों के लिए भारत की विदेशों पर निर्भरता लगातार कम हो रही है. हम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहे हैं. इसकी क्षमता हमने ऑपरेशन सिंदूर में देखी है. भविष्य में मेड इन इंडिया हथियारों का डंका पूरी दुनिया में बजेगा.
पीएम मोदी ने कहा,कि- देश को महाशक्ति बनाने का संकल्प पूरा करने के लिए श्रीनारायण गुरु की शिक्षाओं को जनमानस तक पहुंचाना है. सरकार भी सक्रियता के साथ काम कर रही है. हम शिवगिरी क्षेत्र का निर्माण करके श्रीनारायण गुरु से जुड़े तीर्थ स्थानों को जोड़ रहे हैं. उनका आशीर्वाद और शिक्षाएं हमें रास्ता दिखाती रहेंगी. हमें विकसित भारत का सपना पूरा करना है.













