उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों से गर्मी के मौसम में पारंपरिक भारतीय पेय पदार्थों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत में गर्मी से बचने के कई उपाय हमारी रसोई और परंपराओं में मौजूद हैं। साथ ही पीएम ने भारतीय एथलेटिक्स में बन रहे नए रिकॉर्ड्स का जिक्र करते हुए युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे भारतीय घरों की रसोई का स्वाद और खानपान भी बदल जाता है। उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों में प्रचलित पारंपरिक पेय पदार्थों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि शरीर को गर्मी से राहत देने में भी मदद करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर भारत में आम पन्ना गर्मी के दिनों में लोगों की पहली पसंद होता है। पंजाब और हरियाणा की लस्सी, राजस्थान और गुजरात की छाछ लोगों को ताजगी देती है। वहीं बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सत्तू का शरबत पोषण और ऊर्जा का बड़ा स्रोत है।
उन्होंने कहा कि- कोंकण और गोवा में कोकम शरबत और सोल कढ़ी का विशेष महत्व है। दक्षिण भारत में पानकम, नीर मोर और सम्बारम जैसे पारंपरिक पेय आज भी लोगों की जीवनशैली का हिस्सा हैं। ओडिशा का बेल पना भी गर्मी में राहत देने वाला लोकप्रिय पेय है। पीएम ने कहा कि ये पेय सिर्फ खानपान का हिस्सा नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने भारतीय एथलेटिक्स में हाल ही में बने रिकॉर्ड्स का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देशभर में इन दिनों 100 मीटर दौड़ की काफी चर्चा हो रही है। महज दो दिनों के भीतर पुरुषों की 100 मीटर स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा, जो भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि है।
पीएम मोदी ने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे दो युवा धावकों गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर का योगदान है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और प्रदर्शन देश के युवाओं को प्रेरित कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गर्मी का मौसम आते ही आम की चर्चा भी हर घर में शुरू हो जाती है। उन्होंने देशभर में मिलने वाली विभिन्न किस्मों के आमों का उल्लेख करते हुए कहा कि हर क्षेत्र का आम अपनी अलग पहचान, स्वाद और खुशबू रखता है। महाराष्ट्र और कोंकण का हापुस (अल्फांसो), गुजरात का केसर, उत्तर प्रदेश का दशहरी और लंगड़ा आम देशभर में लोकप्रिय हैं।
उन्होंने दक्षिण भारत के बंगनपल्ली, तोतापुरी, नीलम और मलगोवा आमों के साथ पश्चिम बंगाल के हिमसागर तथा ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सुवर्णरेखा आम का भी जिक्र किया। पीएम ने कहा कि भारतीय आम अब गांवों से निकलकर वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने आम उत्पादक किसानों की सराहना करते हुए कहा कि वे देश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने किसानों के प्रयासों को भारत की बढ़ती कृषि सफलता का आधार बताया।














