उमाकांत त्रिपाठी। PM Modi Seychelles Visit के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रविवार को सेशेल्स में औपचारिक स्वागत किया गया। राजधानी विक्टोरिया में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, कोस्ट गार्ड समन्वय, समुद्री निगरानी और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन दिवसीय राजकीय दौरे के दौरान भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे और सेशेल्स की नेशनल असेंबली में भाषण देंगे। इसके साथ ही वह 20 देशों की संसद या नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले दुनिया के पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
Mon’n pran par dan seremoni pour remet bato patrol rapid apele Lespwar, bann Lanbilans ek Veikil litilite pour Lafors Defans Sesel (SDF) kot baz Gard Lakot Sesel ansanm avek Prezidan, Dokter Patrick Herminie.@StateHouseSey pic.twitter.com/yosA6PJXdi
— Narendra Modi (@narendramodi) June 27, 2026
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और सेशेल्स अपने राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में इस यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सेशेल्स में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स पहुंचे थे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका औपचारिक स्वागत किया।
रविवार को प्रधानमंत्री को सेशेल्स सरकार की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद दोनों नेताओं ने आधिकारिक वार्ता शुरू की।
बैठक के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सीमाओं की निगरानी, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषय प्रमुख एजेंडे में शामिल रहे। दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई गई।
Transfer sa bato patrol rapid-Lespwar avek Gard Lakot Sesel i mark en lot letap enportan dan krwasans ant partenarya Lenn ek Sesel dan ladefans ek sekirite maritim. pic.twitter.com/eo5HzZDNn8
— Narendra Modi (@narendramodi) June 27, 2026
समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर रहेगा विशेष फोकस
भारत और सेशेल्स के संबंधों में समुद्री सुरक्षा हमेशा सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। हिंद महासागर में स्थित सेशेल्स भारत की समुद्री रणनीति का अहम साझेदार माना जाता है।
द्विपक्षीय वार्ता में कोस्ट गार्ड सहयोग, समुद्री निगरानी, समुद्री अपराधों की रोकथाम और क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक गतिविधियों के बीच भारत और सेशेल्स की साझेदारी दोनों देशों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भारत पहले भी सेशेल्स को रक्षा उपकरण, तटरक्षक जहाज और क्षमता निर्माण में सहयोग प्रदान करता रहा है।
Kominote Endyen dan Sesel in akord mwan en lakey salere ozordi swar.
Zot lafeksyon profon pour Lenn ek kontribisyon dirab pour progre Sesel i vreman admirab.
Dyaspora Endyen in pour lontan deservi koman en pon vibran ant nou de nasyon, pour ranforsi sa koneksyon ant pep a pep… pic.twitter.com/976DR04ZDa— Narendra Modi (@narendramodi) June 27, 2026
नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरे के दौरान सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसके साथ ही वे दुनिया के पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे, जिन्होंने 20 देशों की संसद या नेशनल असेंबली को संबोधित किया है।
प्रधानमंत्री अपने संबोधन में लोकतांत्रिक मूल्यों, भारत-सेशेल्स संबंधों, हिंद महासागर में सहयोग और साझा विकास के दृष्टिकोण पर विचार रख सकते हैं।
भारत और सेशेल्स के संबंधों के 50 वर्ष पूरे
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे को लेकर कहा कि यह वर्ष भारत और सेशेल्स के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, सांस्कृतिक निकटता और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद अब उनका यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगा।
भारतीय समुदाय ने दोनों देशों को जोड़ा
सेशेल्स में भारतीय मूल के लोगों की महत्वपूर्ण आबादी रहती है।
करीब 1.20 लाख की कुल आबादी वाले इस द्वीपीय देश में लगभग 8 प्रतिशत लोग भारतीय मूल के हैं। इनमें बिहार, तमिलनाडु और गुजरात से जुड़े परिवार प्रमुख हैं।
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे और उनके योगदान की सराहना करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों ने पीढ़ियों से दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सेशेल्स का भारत से ऐतिहासिक संबंध
सेशेल्स का भारत से संबंध कई सदियों पुराना माना जाता है।
1770 में जब यहां पहली स्थायी बस्ती बसाई गई, तब उसमें 5 भारतीय भी शामिल थे। बाद में ब्रिटिश शासन के दौरान बिहार के भोजपुरी क्षेत्र, तमिलनाडु और गुजरात से बड़ी संख्या में भारतीय यहां आकर बस गए।
सेशेल्स के पूर्व राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन के पूर्वज भी बिहार के गोपालगंज जिले से जुड़े रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में अपने पूर्वजों के गांव का दौरा भी किया था।
यह ऐतिहासिक जुड़ाव आज भी दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाए हुए है।
अल्डाब्रा जायंट कछुए भी हैं सेशेल्स की पहचान
सेशेल्स केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं बल्कि अल्डाब्रा जायंट कछुओं के लिए भी विश्वभर में प्रसिद्ध है।
यह दुनिया की सबसे लंबी उम्र वाली कछुआ प्रजातियों में से एक मानी जाती है, जिसकी औसत आयु लगभग 150 वर्ष होती है।
दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर जोनाथन भी इसी प्रजाति का कछुआ है, जिसकी अनुमानित उम्र करीब 194 वर्ष मानी जाती है।
वैज्ञानिक उसकी लंबी उम्र के रहस्यों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि भविष्य में उम्र बढ़ने से जुड़ी नई वैज्ञानिक जानकारियां प्राप्त की जा सकें।
हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीति को मिलेगा नया बल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा भारत-सेशेल्स संबंधों को नई मजबूती देगी और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा समृद्धि के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी आने वाले वर्षों में और मजबूत हो सकती है।















