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ज्ञानवापी केस: मुस्लिम पक्ष को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, सभी याचिकाएं हुई खारिज; हिंदू पक्ष की याचिका सुनने योग्य-HC

उमाकांत त्रिपाठी। वाराणसी की ज्ञानवापी और काशी विश्वनाथ मंदिर के बीच स्वामित्व विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार 19 दिसंबर को अहम फैसला सुनाया। केस में मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सभी पांच याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 8 दिसंबर को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। जज जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने मालिकाना हक विवाद के मुकदमों को चुनौती देने वाली अंजुमन इंतेज़ामिया मस्जिद कमेटी की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि, ‘मुकदमा देश के दो प्रमुख समुदायों को प्रभावित करता है। हम ट्रायल कोर्ट को 6 महीने में मुकदमे का जल्द फैसला करने का निर्देश देते हैं।

कौन सी याचिकाएं हुईं खारिज?

दरअसल मुस्लिम पक्ष की जो याचिकाएं खारिज हुईं, उनमें दो याचिकाएं मेरिट (सुनने योग्य है या नहीं) से जुड़ी थीं, जबकि 3 ASI सर्वे के खिलाफ थीं। हिंदू पक्ष के एडवोकेट विजय शंकर रस्तोगी ने कहा का कहना है कि, “मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट में 5 याचिकाएं दायर की थीं। कोर्ट ने उन सबको निरस्त कर दिया है। साथ ही, हाईकोर्ट ने वाराणसी कोर्ट को आदेश दिया है कि हिंदू पक्ष ने 1991 में जो वाराणसी कोर्ट में याचिका (केस नंबर-610) है। उस पर प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट से प्रभावित नहीं है। उधर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि एक मुकदमे में किए गए एएसआई सर्वेक्षण को अन्य मुकदमों में भी दायर किया जाएगा और यदि निचली अदालत को लगता है कि किसी हिस्से का सर्वेक्षण आवश्यक है, तो अदालत एएसआई को सर्वेक्षण करने का निर्देश दे सकती है।

क्या है ज्ञानवापी विवाद

ज्ञानवापी और काशी विश्वनाथ मंदिर के बीच स्वामित्व विवाद अगस्त 2021 में शुरू हुआ था। अगस्त 2021 में 5 महिलाओं ने जिला अदालत में वाद दायर करते हुए मस्जिद के पास श्रृंगार गौरी मंदिर में दर्शन-पूजा की मांग की। इसके बाद जज रवि दिवाकर ने एडवोकेट सर्वे का आदेश दिया। 3 दिन तक परिसर में सर्वे किया गया और सर्वे सर्वे में शिवलिंग मिलने का दावा किया गया। हिंदू पक्ष के मुताबिक वजूखाने में शिवलिंग था। उधर मुस्लिम पक्ष ने कहा कि ये शिवलिंग नहीं फव्वारा है। कोर्ट ने हिंदू पक्ष की याचिका पर वजूखाना सील कर दिया। वजूखाना सील होने के बाद 4 महिलाओं ने विवादित हिस्से को छोड़कर ASI सर्वे की मांग की। इस मांग पर जिला जज एके विश्वेस ने ASI सर्वे का आदेश दिया। 24 जुलाई को शुरू हुआ ये सर्वे, 2 नवंबर तक हुआ। हिंदू पक्ष के मुताबिक, ज्ञानवापी मस्जिद, मंदिर का एक हिस्सा है। वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मुकदमा पूजा स्थल अधिनियम द्वारा निषिद्ध है।

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