उमाकांत त्रिपाठी।भारत और अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत होते जा रहे हैं और इस मजबूत साझेदारी के पीछे दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों की भी बड़ी भूमिका मानी जाती है। इसी कड़ी में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और चर्चित किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि एक अवसर पर डोनाल्ड ट्रंप सुबह के 6 बजे बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन करने के लिए तैयार हो गए थे।
US-India Strategic Partnership Forum (USISPF) Leadership Summit 2026 के दौरान बोलते हुए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों और दोनों देशों के नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मित्रता को लेकर एक ऐसा किस्सा साझा किया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
मियामी के UFC इवेंट का दिलचस्प किस्सा
सर्जियो गोर के अनुसार, कुछ महीने पहले मियामी में आयोजित एक UFC इवेंट के दौरान वे डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैकस्टेज मौजूद थे। इसी दौरान अचानक ट्रंप ने कहा, “चलो प्रधानमंत्री मोदी को फोन करते हैं।” यह सुनकर गोर ने उन्हें याद दिलाया कि भारत में उस समय सुबह के लगभग 6 बज रहे हैं।
हालांकि, ट्रंप ने इस पर मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “वह जाग रहे होंगे। वह मेरी तरह हैं, उन्हें भी ज्यादा नींद नहीं आती।” ट्रंप की इस प्रतिक्रिया ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि, चूंकि ट्रंप को कुछ ही देर में स्टेज पर जाना था, इसलिए दोनों नेताओं के बीच बातचीत अगले दिन के लिए तय कर दी गई।
ट्रंप पीएम मोदी को मानते हैं सच्चा दोस्त
सर्जियो गोर ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केवल एक वैश्विक नेता के रूप में नहीं, बल्कि एक सच्चे दोस्त के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि जब दो लोगों के बीच वास्तविक दोस्ती होती है, तो हर बातचीत के लिए औपचारिक शेड्यूल की आवश्यकता नहीं होती।उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को अपने मित्र के रूप में देखते हैं। वे कभी भी फोन उठाकर यह पूछ सकते हैं कि आप कैसे हैं। यह रिश्ता सामान्य कूटनीतिक संबंधों से कहीं आगे का है।”
भारत को विशेष महत्व देते हैं ट्रंप
अमेरिकी राजदूत ने आगे कहा कि डोनाल्ड ट्रंप भारत को वैश्विक मंच पर अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार मानते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के कई अन्य नेताओं से अलग स्तर पर रखते हैं।
सर्जियो गोर के मुताबिक, कई देशों के नेताओं के साथ बातचीत और बैठकों के लिए पहले से विस्तृत कार्यक्रम और समय तय करना पड़ता है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के मामले में ट्रंप का दृष्टिकोण अलग है। दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत विश्वास और दोस्ती का संबंध इतना मजबूत है कि वे अधिक सहजता से संवाद करते हैं।
भारत-अमेरिका संबंधों में व्यक्तिगत संबंधों की भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में व्यक्तिगत संबंध अक्सर रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच वर्षों से बनी दोस्ती ने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान “Howdy Modi” और “Namaste Trump” जैसे ऐतिहासिक कार्यक्रमों ने दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया था। इन आयोजनों ने यह भी दिखाया कि दोनों नेता न केवल राजनीतिक सहयोगी हैं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी एक-दूसरे के प्रति सम्मान और विश्वास रखते हैं।
वैश्विक राजनीति में चर्चा का विषय रही मोदी-ट्रंप की दोस्ती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मित्रता लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय रही है। दोनों नेताओं की सार्वजनिक मुलाकातें, साझा कार्यक्रम और एक-दूसरे के प्रति खुले तौर पर व्यक्त किया गया सम्मान अक्सर सुर्खियां बनता रहा है।
अब अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर द्वारा साझा किया गया यह नया किस्सा भी इस बात को रेखांकित करता है कि दोनों नेताओं के बीच संबंध केवल औपचारिक कूटनीतिक सीमाओं तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें व्यक्तिगत मित्रता की झलक भी दिखाई देती है।भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच भरोसेमंद संबंध भविष्य में भी इस साझेदारी को और अधिक मजबूती प्रदान कर सकते हैं।















