उमाकांत त्रिपाठी। जयपुर। राजस्थान में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार ने गतिविधियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया सीमा क्षेत्र दौरे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ बैठक के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा शुरू हो गई है।
इसी क्रम में बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री आवास पर गृह विभाग की उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, अवैध गतिविधियों की रोकथाम और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में निगरानी और सतर्कता बढ़ाई जाए तथा सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।
सीएम ने सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
बैठक में सड़क सुरक्षा और वाहन नियमों के पालन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री ने पुलिस, प्रशासन और परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध रूप से मॉडिफाई किए गए वाहनों, काली फिल्म लगे वाहनों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई मामलों में ऐसे वाहनों का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जाता है, इसलिए इनके खिलाफ अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को नियमित जांच और प्रवर्तन गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध, तस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी।
सरकार का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल से कानून व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इसी उद्देश्य से आने वाले दिनों में निगरानी और प्रवर्तन संबंधी गतिविधियों को और तेज किए जाने की संभावना है।














