उमाकांत त्रिपाठी। भारतीय गगनयात्री शुभांशु शुक्ला एक्सियम मिशन 4 के तहत आज इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुए। उनके साथ तीन अन्य एस्ट्रोनॉट भी स्पेस स्टेशन जा रहे हैं। मिशन भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 12:00 बजे फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया।

स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से जुड़े ड्रैगन कैप्सूल में सभी एस्ट्रोनॉट ने उड़ान भरी। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट करीब 28.5 घंटे के बाद 26 जून को शाम 04:30 बजे ISS से जुड़ेगा। कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष में उड़ान भरने के बाद पीएम मोदी ने भी उन्हें ट्वीट कर शुभकामनाएं दी है।
पीएम मोदी ने किया ट्वीट
पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा- हम अंतरिक्ष मिशन के सफल प्रक्षेपण का स्वागत करते हैं, जिसमें भारत, हंगरी, पोलैंड और अमेरिका के अंतरिक्ष यात्री सवार हैं। भारतीय अंतरिक्ष यात्री, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय बनने के मार्ग पर हैं जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाएंगे। वह अपने साथ 1.4 अरब भारतीयों की शुभकामनाएं, आशाएं और आकांक्षाएं लेकर जा रहे हैं।

41 साल बाद अंतरिक्ष की उड़ान
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और भारतीय एजेंसी इसरो के बीच हुए एग्रीमेंट के तहत भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को इस मिशन के लिए चुना गया है। शुभांशु इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जाने वाले पहले और स्पेस में जाने वाले दूसरे भारतीय होंगे। इससे 41 साल पहले राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत यूनियन के स्पेसक्राफ्ट से अंतरिक्ष यात्रा की थी।

क्या है मिशन का मकसद
Ax-4 मिशन का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में रिसर्च करना और नई टेक्नोलॉजी को टेस्ट करना है। ये मिशन प्राइवेट स्पेस ट्रैवल को बढ़ावा देने के लिए भी है और एक्सियम स्पेस प्लानिंग का हिस्सा है, जिसमें भविष्य में एक कॉमर्शियल स्पेस स्टेशन (एक्सियम स्टेशन) बनाने की योजना है।














