स्वास्थ्य

पीएम मोदी ने की अन्नपूर्णा देवी के लेख की तारीफ, कहा- जरूर पढ़ें, जानें क्या है लेख और किसने लिखा.?

उमाकांत त्रिपाठी।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शनिवार को देशभर में योग को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के एक लेख की प्रशंसा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिप्पणी की। उन्होंने योग के महत्व पर लिखे गए लेख को न केवल सराहा, बल्कि देशवासियों से इसे पढ़ने की अपील भी की।

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने अपने लेख को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। इस लेख के माध्यम से उन्होंने बताया कि कैसे योग को महिला और बाल कल्याण की नीतियों में शामिल कर जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य और जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा रहा है।

एक्स पोस्ट में अन्नपूर्णा देवी ने लिखा,कि- योग सिर्फ एक प्राचीन परंपरा नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन बन चुका है, जो भारत को स्वास्थ्य और सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ा रहा है, खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए।”

अन्नपूर्णा देवी के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा,कि- केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा जी ने यह रेखांकित किया है कि योग को महिला और बाल कल्याण की नीतियों में समाहित कर, देश के हर कोने में स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को कैसे बेहतर बनाया जा रहा है, जरूर पढ़ें।

आपको बता दें कि- वैश्विक स्तर पर योग अब एक जन आंदोलन बन चुका है। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता का इसमें काफी अहम योगदान रहा है। इस साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ’ (एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग) है, जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध को रेखांकित करती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। रिकॉर्ड समय में 177 देशों ने प्रस्ताव को समर्थन दिया, जो अपने आप में ही ऐतिहासिक था। प्रस्ताव को मंजूरी मिली और 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया गया। अपने प्रस्ताव में, यूएनजीए ने माना कि योग जीवन के सभी पहलुओं के बीच संतुलन बनाने के अलावा स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है।

What's your reaction?

Related Posts

1 of 15

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *