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देशभर में 6 हजार से ज्यादा पीएम श्री स्कूल बनाएगी मोदी सरकार, जानिए इस केंद्र सरकार की इस महत्वकांक्षी स्कीम की खासियत

उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 6207 पीएम श्री स्कूलों के लिए 3,39,516 लाख रूपए का फंड मंजूर किया गया है। प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (PM-SHRI scheme) के तहत 735 केवी और 317 नवोदय स्कूलों को पीएम श्री के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। ये सभी स्कूल 21वीं सदी की आधुनिक शिक्षा के साथ उत्कृष्टता का प्रतीक होंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक पीएम श्री योजना के तहत स्कूली शिक्षा की क्षमता बढ़ेगी और राज्य के बच्चों को इस पहल से लाभ होगा। प्रधान का मानना है कि नई शिक्षा नीति ने अपने पाठ्यक्रम के हर पहलू में छात्रों के विकास को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नई शिक्षा नीति में स्किल और टेक्नोलॉजी बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देने और मातृभाषा पर जोर दिया जाएगा।

पीएम श्री के लिए 8 राज्यों ने नहीं भेजे प्रस्ताव

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक पीएम श्री स्कूल के लिए 8 राज्यों ने अबतक अपना प्रस्ताव नहीं भेजा है। इन राज्यों में दिल्ली, पंजाब, बिहार झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु शामिल है। 27 राज्य केंद्र शासित प्रदेश, नवोदय समिति और केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजा गया था। आपको बता दें कि पीएम श्री स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इन स्कूलों में 5+3+3+4 फॉर्मेट में पढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत देशभर के 6207 स्कूलों को पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के तहत अपग्रेड किया जाएगा। केंद्र की इस योजना से 18 लाख छात्रों को फायदा होगा। खास बात यह है कि ये सभी स्कूल सरकारी हैं, जिनका चयन राज्यों के साथ मिलकर किया गया है। पीएम मोदी ने शिक्षक दिवस के मौके पर इसकी घोषणा की थी।

जानिए पीएम श्री स्कूल की खासियत

केंद्र सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना के तहत पीएम श्री स्कूलों को ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें सौर पैनल और एलईडी लाइट, प्राकृतिक खेती के साथ पोषण उद्यान, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त, जल संरक्षण और संचयन, पर्यावरण की सुरक्षा से संबंधित परंपराओं / प्रथाओं का अध्ययन जैसे पर्यावरण के अनुकूल पहलुओं को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक क्लास में प्रत्येक बच्चे के सीखने के परिणामों पर ध्यान दिया जाएगा। सभी स्तरों पर मूल्यांकन वैचारिक समझ और वास्तविक जीवन स्थितियों में ज्ञान के अनुप्रयोग पर आधारित होगा और योग्यता आधारित होगा।

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