उमाकांत त्रिपाठी।अनूपपुर के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि मृतक राजेंद्र उर्फ बबलू पटेल के 18 वर्षीय बेटे आलोक उर्फ सूरज पटेल ने ही पिता और सौतेली मां की हत्या की साजिश रची थी।बेटे आलोक पटेल और मृतक राजेंद्र पटेल का जॉइंट अकाउंट था। उसने इसी अकाउंट से 5 लाख रुपए में अपने दो नाबालिग दोस्तों को सुपारी दी थी। पुलिस ने आलोक सहित दो नाबालिगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं।
बेटे ने पहले पुलिस को किया गुमराह
आरोपी आलोक पटेल ने घटना के बाद पुलिस को दिए बयान में कहा था कि वह घटना के दौरान खेत जोतने के लिए रात में चला गया था। पुलिस के मुताबिक वह गुमराह कर रहा था। वह अन्य आरोपियों के साथ ही हत्या वाली रात मौजूद था। उसने सीमा बैगा पर प्रहार करते हुए उसे मौत के घाट उतारा था।
आरोपी बोला-बचपन से करते थे भेदभाव
राजेंद्र पटेल ने पहली पत्नी पार्वती को छोड़कर रूपा पटेल से दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी के बेटे आलोक का आरोप था कि पिता और सौतेली मां बचपन से उसके साथ भेदभाव करते थे। परिजन अक्सर उसे डांटते और यह कहते थे कि जमीन-जायदाद छोटे बेटे आयुष के नाम होगी। इसी नाराजगी ने उसके मन में गुस्सा भर दिया था।
18वें जन्मदिन पर डांटा तो रची साजिश
25 नवंबर को 18वें जन्मदिन पर पिता ने दोस्तों संग बाहर जाने पर आलोक को डांटा और थप्पड़ भी मारा। इससे नाराज होकर उसने अपने 16 वर्षीय दोस्त से संपर्क किया और पिता-सौतेली मां की हत्या के लिए लड़के तलाशने को कहा।4 दिसंबर को उसकी मुलाकात एक अन्य नाबालिग से हुई और 5 लाख रुपए में डील तय हुई। पूरी बातचीत नाबालिग ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जो पुलिस के लिए अहम सबूत बना।
रात 1 बजे घर में घुसे, सोते पर कर दिया हमला
प्लान के अनुसार, मुख्य नाबालिग आरोपी ने अपने साथी देवेंद्र सोनवानी और एक अन्य 17 वर्षीय किशोर को भी शामिल कर लिया। 9-10 दिसंबर की रात करीब 1 बजे सभी लखनपुर पहुंचे, जहां आलोक उनसे मिला। इसके बाद कुल्हाड़ी, वसूला, लाठी और सिलबट्टे के बट्टे से सोते हुए राजेंद्र, रूपा और नौकरानी सीमा बैगा पर हमला कर दिया।














