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‘मैं तो बाबा बागेश्वर नहीं हूं…’, IIT दिल्ली के स्टूडेंट्स से ऐसा क्यों बोले PM मोदी, वजह जान चौंक जाएंगे

उमा।PM Modi IIT Delhi Convocation 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को डिग्री मिलने पर शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने छात्रों से हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत करते हुए कहा कि वह बाबा बागेश्वर नहीं हैं, लेकिन उन्हें अंदाजा है कि हर छात्र के मन में भविष्य को लेकर कई तरह के विचार चल रहे होंगे। प्रधानमंत्री का यह बयान समारोह का सबसे चर्चित पल बन गया।

उन्होंने कहा कि हर छात्र अपने जीवन के अगले पड़ाव को लेकर उत्साहित है। किसी को पहली नौकरी का इंतजार होगा, कोई स्टार्टअप शुरू करने की तैयारी कर रहा होगा, तो कोई उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षाओं की दिशा में आगे बढ़ने की योजना बना रहा होगा। उन्होंने कहा कि सभी के सपने अलग-अलग हैं, लेकिन आज सभी के चेहरे पर सफलता की एक जैसी खुशी दिखाई दे रही है।

PM Modi IIT Delhi Convocation 2026में छात्रों से मजाकिया अंदाज में बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत छात्रों को बधाई देते हुए की। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री लेने का दिन नहीं है, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत भी है।

छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं, लेकिन कुछ न कुछ आपके मन में जरूर चल रहा होगा।” इस टिप्पणी पर पूरा सभागार तालियों और हंसी से गूंज उठा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हर छात्र अपने भविष्य को लेकर अलग-अलग सपने देख रहा है। किसी को पहली सैलरी का इंतजार है, कोई उद्यमी बनने की सोच रहा है और कुछ छात्र देश-विदेश में रिसर्च या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं।

उन्होंने छात्रों से IIT दिल्ली में अपने पहले दिन को याद करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे कल ही ओरिएंटेशन कार्यक्रम हुआ था और आज देखते ही देखते दीक्षांत समारोह का दिन आ गया।

बदलती दुनिया में लगातार सीखना ही सफलता की कुंजी

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आने वाले 20 से 30 वर्षों में दुनिया का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है और इसकी सबसे बड़ी वजह टेक्नोलॉजी होगी।

उन्होंने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि लगातार नई चीजें सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो व्यक्ति सीखना बंद कर देगा, वह भविष्य की दौड़ में पीछे रह जाएगा। इसलिए छात्रों को जीवनभर सीखते रहने की आदत विकसित करनी चाहिए।

मेडल विजेताओं को बधाई, छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने पर दिया जोर

PM Modi IIT Delhi Convocation 2026 के दौरान प्रधानमंत्री ने मेडल प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन छात्रों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है।

 

हालांकि- उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात भी कही। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि यदि मेडल पाने वालों में और अधिक छात्राएं होतीं तो उन्हें और ज्यादा खुशी होती। उन्होंने कहा कि विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़नी चाहिए।

उन्होंने कहा कि- भारत की बेटियां हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और भविष्य में तकनीकी शिक्षा में भी उनकी भागीदारी और मजबूत होनी चाहिए।

विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की होगी सबसे बड़ी भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी के सामने अलग-अलग राष्ट्रीय दायित्व होते हैं।

उन्होंने कहा कि आजादी से पहले देश को स्वतंत्र कराना सबसे बड़ा लक्ष्य था। उस समय की पीढ़ी ने संघर्ष, त्याग और बलिदान देकर भारत को आजाद कराया। आज हम स्वतंत्र भारत में जी रहे हैं तो यह उन्हीं के प्रयासों का परिणाम है।

अब वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी विकसित भारत का निर्माण करना है। उन्होंने छात्रों से कहा कि अगले 30-35 वर्षों में वे जो भी निर्णय लेंगे और जो भी काम करेंगे, उसका सीधा प्रभाव भारत के भविष्य पर पड़ेगा।

प्रधानमंत्री ने छात्रों से आग्रह किया कि हर निर्णय लेते समय यह जरूर सोचें कि उससे देश को क्या लाभ होगा और वह भारत की किस आवश्यकता को पूरा करेगा।

नई शुरुआत का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी यात्रा का अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। IIT दिल्ली से निकलने वाले छात्र दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां से निकले युवा विज्ञान, तकनीक, स्टार्टअप, उद्योग और अनुसंधान के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और आने वाले वर्षों में युवाओं की प्रतिभा ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। उन्होंने सभी छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे जहां भी जाएं, भारत की पहचान और सम्मान को हमेशा आगे बढ़ाएं।

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