उमाकांत त्रिपाठी। हरियाणा का यमुनानगर। सहारनपुर की महिला की सिर कटी लाश मिली। इस मर्डर मिस्ट्री में रविवार को खुलासा हुआ, मुस्लिम प्रेमी ने हिंदू प्रेमिका का कत्ल किया। प्रेमिका उमा (30) को ठिकाने लगाने के लिए 6 दिसंबर की शाम टैक्सी ड्राइवर बिलाल 6 घंटे बेचैन रहा।
वो हिमाचल के पांवटा साहिब की तरफ होटल में कमरा लेकर हत्या करना चाहता था। कमरा नहीं मिला तो एकांत जगह ढूंढता रहा। नहीं मिली तो यमुनानगर में कलेसर जंगल की तरफ आया। बिलाल यह हत्या जल्दी से जल्दी करना चाहता था, ताकि वो सुकून से उमा से छुटकारा पा ले और दूसरी लड़की से निकाह की तैयारियां कर सके।
पुलिस जांच में सामने आया कि-उमा को स्विफ्ट कार में बैठाकर वह कई घंटे सड़कों पर ही घुमाता रहा। उसे मौके की तलाश थी, जो उसे मिल नहीं पा रहा था। फिर उसने कलेसर नेशनल पार्क को इस वारदात के लिए चुना। मर्डर के बाद बिलाल यूपी के सहारनपुर अपने घर जाकर निकाह की शॉपिंग में ऐसे जुट गया, जैसे कुछ हुआ ही नहीं।
पुलिस के सामने अब वो हथियार बरामद करने की चुनौती है, जिससे बिलाल ने उमा का सिर काटा। यह हथियार बिलाल को सजा दिलाने में अहम सबूत बनेगा। अभी बिलाल 4 दिन के पुलिस रिमांड पर है। रविवार को उसकी निशानदेही पर हरियाणा-हिमाचल के बॉर्डर पर कलेसर जंगल में स्थित लालढांग की खाई से उमा का सिर बरामद हुआ है।
उमा को कहा-घूमने चलते हैं, सरप्राइज है: सहारनपुर के नकुड़ में बिलाल (27) के घर उसकी निकाह की तैयारियां चल रहीं थी। घरवाले लगातार दबाव बना रहे थे कि अब निकाह में एक हफ्ता रह गया है, इसलिए घर से बाहर न जाए। बिलाल के दिमाग में उमा घूम रही थी।
वही उमा, जिसके साथ वो दो साल से सहारनपुर की गंगोत्री कॉलोनी में किराये पर कमरा लेकर लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। उसके दिमाग में रह-रहकर ख्याल आ रहा था कि कहीं निकाह की बात पता लगने पर उमा उसके घरवालों के सामने पोल न खोल दे। 6 दिसंबर शाम करीब 6 बजे स्विफ्ट कार लेकर उमा के कमरे पर गया। बोला-सरप्राइज है, चलो तुम्हें बाहर घुमाकर लाता हूं।
बड़े चाव से उमा तैयार हुई, पसंदीदा ड्रेस पहनी: उमा तो खुशी से झूम उठी। बड़े चाव से पसंदीदा ड्रेस पहनी और तैयार होने में करीब एक घंटा लगाया। उमा को सजने-संवरने का शौक भी था। हथनीकुंड बैराज में यूपी और हरियाणा को जोड़ने वाला पुल है। बिलाल उसी रास्ते से कार लाया। उसका हरियाणा में आना CCTV कैमरे में कैद हुआ है।
पहले हिमाचल की तरफ कार घुमाई, होटल की तलाश थी: बिलाल ने पहले हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब की तरफ कार मोड़ ली। उमा लगातार उससे बातें करे जा रही थी, बिलाल चुप-चाप था। उसके दिमाग में तो कुछ और ही चल रहा था।
रात के करीब 8 बज गए थे और अंधेरा छा गया था। कलेसर नेशनल पार्क से गुजर रहे नेशनल हाईवे से गाड़ियां आ-जा रही थी। उस दिन शनिवार था। वीक-एंड पर अकसर पर्यटक इस इलाके में घूमने जाते हैं। बिलाल ने कहा-कोई होटल देखते हैं, वहां शाम बिताएंगे।
पर्यटकों की भीड़ की वजह से इरादा बदला: पांवटा में कई रूम तलाशने की कोशिश की, लेकिन पर्यटक काफी थे। बिलाल को डर लगा कि- कहीं पकड़ा न जाए। अचानक प्लान बदल दिया। इसके बाद उसने हरियाणा की सीमा की तरफ कार मोड़ ली। बोला-चलो जंगल की तरफ चलते हैं, उधर भी अच्छे होटल हैं। उमा राजी हो गई।इस बीच बिलाल ने दो-तीन जगह सुनसान एरिया देख कार रोकने की कोशिश की। मौका नहीं मिला तो चलता रहा। रात बढ़ रही थी और अंधेरा गहराता जा रहा था। इसी बीच उसने पूरा जंगल भी पार कर लिया।














