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GPAI Summit 2023:एआई पर वैश्विक साझेदारी सम्मेलन में बोले पीएम मोदी, AI के साथ हम नए युग में प्रवेश कर रहे हैं

उमाकांत त्रिपाठी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ग्लोबल पार्टनरशिप इवेंट (GPAI समिट-2023) का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। ये इवेंट नई दिल्ली के प्रगति मैदान पर भारत मंडपम में 14 दिसंबर तक चलेगा। GPAI समिट-2023 इवेंट के लिए पीएम मोदी ने देश की जनता को इनवाइट किया है। AI समिट में दुनिया के करीब 28 देश शामिल हुए हैं। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एआई वर्तमान और भविष्य दोनों पीढ़ियों पर प्रभाव डाल रहा है। हमारा उद्देश्य इसके नुकसानों से बचते हुए कार्य करना है। पीएम नरेंद्र मोदी ने एआई के नैतिक उपयोग के लिए वैश्विक ढांचा बनाने की जरूरत बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि एआई से लैस हथियार आतंकवादी संगठनों तक पहुंच गए तो वैश्विक सुरक्षा को एक बड़े खतरे का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 21वीं सदी में विकास का सबसे बड़ा टूल बन सकता है और इस सदी को तबाह करने में भी सबसे बड़ी भूमिका निभा सकता है। डीपफेक का चैलेंज आज पूरी दुनिया के सामने है। इसके अलावा आतंकियों के हाथ में Al टूल्स के आने का भी बहुत बड़ा खतरा है। हमें AI के इथिकल यूज के लिए मिलकर ग्लोबल फ्रेमवर्क तैयार करना होगा।

पीएम मोदी ने लिखा ब्लॉग

पीएम मोदी ने लिखा- मुझे पूरा विश्वास है कि आप इस वाइब्रेंट प्लेटफॉर्म का हिस्सा बनना पसंद करेंगे। हम बहुत ही इंटरेस्टिंग समय में रह रहे हैं, तेजी से होते इनोवेशन और इंसानी प्रयासों की शक्ति ने जीवन को उस मोड पर पहुंचा दिया है, जिसकी कभी सिर्फ कल्पना की जाती थी। तेजी से आगे बढ़ते हुए इस समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसा एरिया है, जहां इसके ऐप्लिकेशन्स का तेजी से विस्तार हो रहा है। इस तरह के कदमों का एक उदाहरण भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है। पिछले 9 से 10 सालों में भारत और उसके नागरिकों ने टेक्नोलॉजी की मदद से ऊंची छलांग लगाई है। ये क्रांतिकारी टेक्नोलॉजी अब नई पीढ़ी के हाथों में है, भारत एक युवा देश है, जहां वाइब्रेंट स्टार्ट-अप का इकोसिस्टम और टैलेंटेड वर्कफोर्स मौजूद है। AI के विकास में भारत एक महत्वपूर्ण और एक्टिव योगदान देगा।

पीएम मोदी ने बताया अपना विजन

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि- GPAI समिट में मैं आप सभी का स्वागत करता हूं। मुझे खुशी है कि अगले साल भारत इस समिट की अध्यक्षता करने जा रहा है। ये समिट एक ऐसे समय हो रही है, जब AI को लेकर पूरी दुनिया में बहुत बड़ी डिबेट छिड़ी हुई है। इस डिबेट से पॉजिटिव और निगेटिव हर प्रकार के aspect सामने आ रहे हैं। इसलिए इस समिट से जुड़े प्रत्येक देश पर बहुत बड़ा दायित्व है। एआई का वर्तमान और भविष्य दोनों पीढ़ियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ रहा है। हमें अत्यधिक सावधानी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मेरा मानना है कि इस शिखर सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव और विचार हमें दुनिया को एआई के गहरे पहलुओं से उत्पन्न संभावित जोखिमों और चुनौतियों से बचाने में मदद करेंगे। आज भारत Al टैलेंट और AI से जुड़े न्‍यू आइडिया का सबसे प्रमुख player है। भारत के युवा tech experts, researchers, Al limits को explore कर रहे हैं। आज, भारत एआई और उसके उपसमुच्चय के क्षेत्र में अग्रणी है। हम एआई के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में, हमने कृषि में एक एआई चेक पोर्टल लॉन्च किया है, जो किसानों को उनके आवेदन की स्थिति की जांच करने, भुगतान विवरण तक पहुंचने और सरकारी योजनाओं के बारे में आसानी से सूचित रहने की सुविधा प्रदान करता है।

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