उमाकांत त्रिपाठी। हाल ही में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा ऐलान किया है। बड़ी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि नौसेना भारतीय परंपराओं के अनुरूप अपने रैंक के नाम रखेगी। उन्होंने कहा कि हम ब्रिटिश काल के रैंक्स को बदलेंगे. उसकी जगह भारतीय नाम रखे जाएंगे। छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी दूरदर्शिता और युद्ध रणनीति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मोदी ने कहा कि 17वीं सदी के मराठा शासक नौसैनिक शक्ति के महत्व को जानते थे। छत्रपति शिवाजी महाराज के अलावा उनकी नौसेना के योद्धाओं कान्होजी आंग्रे, मायाजी नाइक भटकर और हिरोजी इंदुलकर को भी नमन किया। प्रधानमंत्री मुंबई से लगभग 500 किमी दूर महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के मालवण में आयोजित नौसेना दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया।
गुलामी की मानसिकता से बाहर आना जरूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरित हैं। हम उन्हीं की तरह किसी भी तरह की गुलामी बर्दाश्त नहीं कर सकते। हमें इस मानसिकता से बाहर आना होगा, इसलिए ऐसे नाम और प्रतीकों को खत्म करना होगा, जो गुलामी की प्रथा को जीवित रखे हैं। उन्होंने सशस्त्र बलों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की और पहली बार नौसेना के पोत की कमान संभालने के लिए एक महिला अधिकारी की नियुक्ति करने की सराहना की। पीएम मोदी ने शिवाजी की उद्घोषणा को दोहराते हुए कहा कि जिनका समुद्र पर नियंत्रण है, वे ही अंतिम शक्ति रखते हैं। नौसेना अधिकारियों द्वारा पहने जाने वाले एपोलेट्स में अब छत्रपति वीर शिवाजी महाराज की विरासत की झलक दिखाई देगी क्योंकि नए एपोलेट्स नौसेना के ध्वज के समान होंगे।
पीएम ने नौसेना ध्वज के अनावरण को किया याद
इस दौरान पीएम मोदी ने पिछले साल नौसेना ध्वज के अनावरण को याद भी किया। ऐसा माना जा रहा है कि भारतीय नौसेना के जूनियर और नॉन कमीशन्ड रैंक्स के नाम पहले बदले जा सकते हैं। ये हैं मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर फर्स्ट क्लास, मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर सेकेंड क्लास, चीफ पेटी ऑफिसर, पेटी ऑफिसर, लीडिंग सीमैन, सीमैन फर्स्ट क्लास और सीमैन सेकेंड क्लास. इन रैंक्स के नाम बदलने का असर नौसेना के 65 हजार नौसैनिकों से ज्यादा पर पड़ेगा।














