उमाकांत त्रिपाठी। बुधवार को जब भोपाल में मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शपथ ली, तो एक अलग ही नजारा देखने को मिला। इस समारोह में शामिल होने पहुंचे पीएम मोदी ने हाथ पकड़कर सीएम मोहन को उनकी कुर्सी दिखाई। पीएम ने संदेश दिया कि अब एमपी में मोदी की गारंटियां मोहन पूरी करेंगे। इसकी बानगी नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव ने कैबिनेट की पहली बैठक की। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। हर जिले में प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज खोले जाएंगे।

कैबिनेट बैठक में कई और भी अहम फैसले लिए गए। जिसमें तय मापदंड के अनुसार ही लाउड स्पीकर/डीजे का इस्तेमाल किया जा सकेगा। खुले में मांस या अंडे की दुकान लगाने पर सख्ती होगी। नियमों के तहत व्यवसाय किया जा सकेगा। हर जिले में प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज खोले जाएंगे। जहां नई शिक्षा नीति के तहत सभी प्रकार के कोर्स की पढ़ाई हो सकेगी। स्टूडेंट्स की डिग्री और मार्कशीट के लिए डिजी लॉकर की व्यवस्था की जाएगी। दस्तावेज का एक सुरक्षित डेटा बनेगा। सभी कॉलेज-यूनिवर्सिटी इसे चेक कर सकेंगी। सभी 52 निजी और 16 सरकारी यूनिवर्सिटी में ये लागू होगा। आदतन अपराधियों पर सख्ती होगी। दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अगर ऐसे अपराधी जमानत पर बाहर आएंगे तो उनकी जमानत निरस्त की जाएगी। वहीं तय मानकों से ज्यादा तेज आवाज में लाउड स्पीकर नहीं बजाए जाएंगे। शिकायत मिलने पर उड़नदस्ता जांच करेगा।

उधर सीनियर बीजेपी लीडर और पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया ने पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया है। कुसमरिया के नियुक्ति का आदेश चुनाव के पहले जारी हो गया था। इधर, गुरुवार सुबह 11 बजे राजभवन में प्रोटेम स्पीकर के रूप में बीजेपी के सीनियर विधायक गोपाल भार्गव को शपथ दिलाई गई। राज्यपाल मंगुभाई पटेल उन्हें शपथ दिलाई।














