उमाकांत त्रिपाठी। संसद की सुरक्षा में बुधवार को बड़ी चूक का मामला सामने आया था। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए थे। ये दोनों शख्स एक बेंच से दूसरे बेंच पर भागने लगे। तभी एक शख्स ने जूते से निकालकर कोई पीले रंग की गैस स्प्रे कर दी। हालांकि कुछ सांसदों ने इन्हें पकड़ लिया और सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया। अब संसद में घुसपैठ मामले में संसद सचिवालय ने 8 सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड किए गए सुरक्षाकर्मियों के नाम रामपाल, अरविंद, वीर दास, गणेश, अनिल, प्रदीप, विमित और नरेंद्र है। गुरुवार को पुलिस सूत्र ने बताया कि इस घटना का असली ‘मास्टर माइंड’ कोई और है। सूत्र के मुताबिक इसको लेकर इस घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने संसद के बाहर रेकी की थी। सभी आरोपी सोशल मीडिया पेज ‘भगत सिंह फैन क्लब’ से जुड़े हुए थे।
क्या बोले राजनाथ सिंह-ओम बिड़ला
संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की। इस दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से सदन में अराजकता न फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कल की जो घटना है, वो लोकसभा सचिवालय की जिम्मेदारी है। लोकसभा अध्यक्ष के नाते मेरी जिम्मेदारी है, मैं आपके साथ बैठकर चर्चा करूंगा। इस पूरे मामले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सदन में जवाब दिया। उन्होंने कहा, कल की घटना है, उसकी सबने निंदा की है। आपने (स्पीकर) तुरंत जांच के आदेश दिए। हम सभी सांसदों को सावधानी बरतने की जरूरत है कि हम ऐसे लोगों को पास न दें, जो भवन के अंदर अराजकता पैदा कर देय़ आपने तुरंत संज्ञान लेकर जांच का आदेश दिए हैं। अन्य जो कदम उठाने चाहिए, वे भी उठाए जाएंगे। ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो। हमें घटना की निंदा करनी चाहिए।
इस तरह की घुसपैठ की प्लॉनिंग
लगभग डेढ़ साल पहले सभी आरोपी मैसूर में मिले थे। आरोपी सागर जुलाई में लखनऊ से दिल्ली आया था लेकिन संसद भवन में इंट्री नहीं कर सका था। 10 दिसंबर को एक-एक करके सभी अपने-अपने राज्यों से दिल्ली पहुंचे। घटना वाले दिन सभी आरोपी इंडिया गेट के पास इकट्ठा हुए, जहां सभी को कलर स्प्रे बांटा गया। पुलिस ने बताया, शुरुआती जांच के अनुसार संसद सुरक्षा उल्लंघन का मुख्य साजिशकर्ता कोई और है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ UAPA सेक्शन के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है। लोकसभा सचिवालय के अनुरोध पर गृह मंत्रालय ने संसद में सुरक्षा चूक मामले को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। सीआरपीएफ के महानिदेशक आशीष दयाल सिंह के नेतृत्व में एक जांच समिति का गठन किया गया है, इसमें दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य और विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है।














