खबर इंडिया की। मध्य प्रदेश के रीवा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कथित वायरल वीडियो के पीछे की सच्चाई ने सबको हैरान कर दिया। शुरुआत में जिसे एक साधारण विवाद या निजी मामला माना जा रहा था, अब वह एक सुनियोजित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग रैकेट के रूप में सामने आया है।
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मामला मऊगंज जिले से जुड़ा है, जहां पूर्व जनपद उपाध्यक्ष को निशाना बनाकर एक दंपती ने कथित तौर पर साजिश रची। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला और उसके पति ने पहले नेता से जान-पहचान बढ़ाई। यह मुलाकात एक कैफे के जरिए हुई, जो पुलिस कंट्रोल रूम के सामने ही संचालित किया जा रहा था। धीरे-धीरे भरोसा जीतकर उन्होंने नेता को अपने जाल में फंसा लिया।
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आरोपी पति पत्नी गिरफ्तार 👆🏻
आरोप है कि इसके बाद दंपती ने नेता को नशा देकर आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इस वीडियो को बाद में ब्लैकमेलिंग का हथियार बनाया गया और कथित तौर पर 5 लाख रुपए की मांग की गई। जैसे ही मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, प्रशासन हरकत में आया।
17 अप्रैल को आरोपी महिला द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो से जुड़ा एक स्क्रीनशॉट शेयर किया गया, जिसके बाद यह मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया। स्थानीय मीडिया की जांच और रिपोर्ट्स के बाद पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए एफआईआर दर्ज की।
एसडीओपी के नेतृत्व में जांच शुरू की गई, जिसमें कई अहम खुलासे हुए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए स्पाई कैमरा कहां और कैसे लगाया गया था, और क्या इस रैकेट में और लोग भी शामिल हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दंपती ने केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि कई प्रभावशाली लोगों को टारगेट करने की योजना बनाई थी। कथित तौर पर उनके पास ठेकेदारों, नेताओं, व्यापारियों और सरकारी अधिकारियों की एक सूची भी थी, जिन्हें इस तरह फंसाया जा सकता था।
फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल और निजी संबंधों में सतर्कता कितनी जरूरी है।
यह मामला न केवल एक आपराधिक साजिश को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे लालच और गलत इरादे किसी को भी गंभीर अपराध की ओर धकेल सकते हैं। आने वाले दिनों में जांच के और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।














