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शिवराज के गढ़ में गरजेंगे पीएम मोदी, किसान सम्मेलन में हो सकते हैं शामिल, क्या है पूरा कार्यक्रम

उमाकांत त्रिपाठी।सीहोर जिले के लिए यह अक्टूबर बेहद खास हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बार फिर सीहोर आने की संभावना जताई जा रही है। 12 से 15 अक्टूबर तक जिले में आयोजित होने वाले चार दिवसीय किसान सम्मेलन के दौरान किसी एक दिन पीएम मोदी की उपस्थिति सुनिश्चित करने की कोशिशें जारी हैं। प्रधानमंत्री के आगमन की चर्चा से जिले में उत्साह और प्रशासन में सतर्कता दोनों ही देखने को मिल रही है।

चार दिन का विराट किसान सम्मेलन
प्रदेश की मोहन यादव सरकार किसानों के लिए बड़े पैमाने पर सम्मेलन आयोजित कर रही है। सीहोर को इस आयोजन के लिए चिह्नित किया गया है। सम्मेलन में खेती की नई तकनीक, सरकारी योजनाओं की जानकारी और फसल उत्पादन बढ़ाने की रणनीतियां साझा की जाएंगी। किसानों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी से यह सम्मेलन और ऐतिहासिक बन जाएगा।

प्रशासन अलर्ट मोड पर
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। सुरक्षा, यातायात और मंच व्यवस्था की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। एसडीएम तन्मय वर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री का दौरा संभावित है, लेकिन अभी कार्यक्रम की तिथि तय नहीं हुई है।

संभावित स्थानों का निरीक्षण
पीएम मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए तीन आईएएस अधिकारियों की टीम ने सीहोर का दौरा किया। उन्होंने तीन प्रमुख जगहों का निरीक्षण किया। इनमें शेरपुर मैदान, सोया चौपाल और आरएके कृषि कॉलेज शामिल हैं। सभी स्थलों की सुरक्षा और पहुंच सुविधा को ध्यान में रखकर आकलन किया गया।

शेरपुर का ऐतिहासिक महत्व
शेरपुर मैदान सबसे प्रमुख विकल्प माना जा रहा है। यह वही जगह है, जहां प्रधानमंत्री मोदी पहले भी किसानों के बीच आ चुके हैं। पिछली यात्रा की यादें आज भी किसानों के दिलों में ताजा हैं, जब 18 फरवरी 2016 को उन्होंने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में कई घोषणाएं की थीं। विशाल मैदान होने के कारण यहां बड़े स्तर पर भीड़ संभालना भी आसान होगा।

सोया चौपाल का किसानों से जुड़ाव
सोया चौपाल किसानों की भावनाओं से सीधे जुड़ा स्थान है। इंदौर-भोपाल हाईवे से जुड़े होने के कारण किसानों की आवाजाही भी सरल हो जाएगी। कई किसान चाहते हैं कि प्रधानमंत्री इसी चौपाल से उनके बीच सीधा संवाद करें, जिससे उनकी समस्याओं और उम्मीदों पर अधिक गहराई से चर्चा हो सके।

कृषि कॉलेज का बेहतर विकल्प
आरएके कृषि कॉलेज का परिसर भी बड़ा और सुरक्षित स्थल है। यहां पर सम्मेलन आयोजित होने से कृषि अनुसंधान और किसानों का सीधा जुड़ाव दिखेगा। साथ ही सुरक्षा इंतजाम और पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं भी आसानी से की जा सकती हैं।

किसानों की अपेक्षाएं
प्रधानमंत्री मोदी के संभावित आगमन से किसानों में उत्सुकता बढ़ गई है। उनका मानना है कि इस बार वे बीमा राशि, न्यूनतम समर्थन मूल्य और सिंचाई योजनाओं पर सीधे अपनी बात रख पाएंगे। किसानों को यह भी उम्मीद है कि- प्रधानमंत्री सीहोर से कोई नई बड़ी योजना की घोषणा कर सकते हैं।

पिछली यात्रा की यादें
किसान अभी भी पीएम मोदी की पिछली सीहोर यात्रा को याद करते हैं। उस समय उन्होंने किसानों के बीच जाकर आत्मनिर्भर भारत और आधुनिक खेती की दिशा में नई नीतियों का संदेश दिया था। किसानों का मानना है कि हर बार प्रधानमंत्री का दौरा उनकी समस्याओं और समाधान को लेकर नई उम्मीदें जगाता है।

स्थान बदलने की है संभावना
यदि किसी कारणवश सीहोर में पर्याप्त जगह या अन्य व्यवस्था नहीं हो पाती, तो यह आयोजन रायसेन या भोपाल में भी स्थानांतरित हो सकता है। लेकिन प्रशासन की पहली प्राथमिकता सीहोर ही है और तैयारियां उसी दिशा में की जा रही हैं।

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