उमाकांत त्रिपाठी। PM मोदी पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन के साथ शनिवार को राजस्थान को बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालोतरा जिले के पचपदरा में देश की अत्याधुनिक रिफाइनरी का उद्घाटन किया और कहा कि भारत ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सफलतापूर्वक सामना किया। उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार ने समय पर प्रभावी रणनीति नहीं अपनाई होती, तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2,000 रुपये तक पहुंच सकती थी। बेहतर ऊर्जा प्रबंधन और मजबूत कूटनीति की वजह से देश में ईंधन की आपूर्ति भी बाधित नहीं हुई और कीमतों को नियंत्रित रखा गया।
A very special day for Rajasthan! Development initiatives across aviation, energy and connectivity will strengthen infrastructure, accelerate growth and improve ease of living.
https://t.co/gYw1RXYzLq— Narendra Modi (@narendramodi) July 4, 2026
प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी का उद्घाटन करने से पहले कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और वहां मौजूद इंजीनियरों व विशेषज्ञों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने वर्चुअली जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला भी रखी और जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन करने के बाद ‘उड़ान 2.0’ योजना की भी शुरुआत की।
ऊर्जा संकट के बीच भारत ने दिखाई मजबूत रणनीति
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण दुनिया 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट से गुजरी। ऐसे हालात में कई देशों को ईंधन की भारी कमी और कीमतों में तेज उछाल का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि भारत ने समय रहते अपने ऊर्जा स्रोतों का विस्तार किया और ईंधन आपूर्ति की मजबूत व्यवस्था बनाई। यही कारण रहा कि देश में न तो ईंधन की कमी हुई और न ही घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें अनियंत्रित स्तर तक पहुंचीं।
प्रधानमंत्री के अनुसार, यदि सरकार समय पर कदम नहीं उठाती तो एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 2,000 रुपये तक पहुंच सकती थी। बेहतर प्रबंधन के कारण आम लोगों को सिलेंडर करीब 950 रुपये के आसपास उपलब्ध कराया गया।
भारत की कूटनीति बनी सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक संकट के दौरान भारत की विदेश नीति और कूटनीति ने अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि पहले भारत करीब 25-26 देशों से कच्चा तेल और ईंधन खरीदता था, लेकिन संकट के दौरान यह संख्या बढ़ाकर लगभग 40 देशों तक पहुंचा दी गई। इससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हुई और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यही भारत की मजबूत वैश्विक साख का परिणाम है कि कठिन परिस्थितियों में भी देश को पर्याप्त ईंधन मिलता रहा।
पेट्रोल-डीजल कंपनियों को हुआ 75 हजार करोड़ का घाटा
प्रधानमंत्री ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल की बिक्री में करीब 75 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
उन्होंने बताया कि सरकार ने यह आर्थिक बोझ खुद उठाया ताकि आम जनता पर अतिरिक्त महंगाई का असर न पड़े। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह राशि इतनी बड़ी थी कि इससे एक नई रिफाइनरी का निर्माण किया जा सकता था।
पचपदरा रिफाइनरी से राजस्थान को मिलेगा बड़ा फायदा
राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी को देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरियों में गिना जा रहा है।
यह परियोजना न केवल राजस्थान बल्कि पूरे उत्तर और पश्चिम भारत की ईंधन आपूर्ति को मजबूत करेगी। साथ ही इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
रिफाइनरी से पेट्रोकेमिकल उद्योग को भी गति मिलेगी और राजस्थान औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश करेगा।
‘भाजपा परियोजनाओं को पूरा करके दम लेती है’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि भाजपा सरकार केवल परियोजनाओं का शिलान्यास नहीं करती, बल्कि उन्हें पूरा भी करती है।
उन्होंने कहा कि दो महीने पहले रिफाइनरी में हुए हादसे के बावजूद इंजीनियरों और कर्मचारियों ने तेजी से काम पूरा किया। यह नए भारत की कार्य संस्कृति और संकल्प का उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नया भारत चुनौतियों से पीछे हटने वाला नहीं है और हर मुश्किल का समाधान निकालने की क्षमता रखता है।
जोधपुर से ‘उड़ान 2.0’ की भी शुरुआत
राजस्थान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया।
इसके साथ ही उन्होंने उड़ान 2.0 योजना की शुरुआत की, जिसके तहत छोटे शहरों में हवाई कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा।
योजना के तहत:
100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे।
निष्क्रिय एयरस्ट्रिप्स का उपयोग किया जाएगा।
पहाड़ी और दूरदराज क्षेत्रों में 200 नए हेलीपैड बनाए जाएंगे।
क्षेत्रीय हवाई सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।
जल संकट पर भी कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राजस्थान के जल संकट का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने इस समस्या के समाधान के लिए ठोस प्रयास नहीं किए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार क्षेत्रवाद की राजनीति नहीं बल्कि “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ काम कर रही है और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
विकास और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। वैश्विक ऊर्जा संकट के दौर में यह परियोजना देश की रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने, ईंधन आपूर्ति को मजबूत करने और राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।














