क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के बेटे ने ऐसा चमत्कार कर दिया, जिसे लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे है। ट्वीट कर लोग अर्जुन तेंदुलकर की तुलना उनके पिता के साथ कर रहे हैं। अर्जुन तेंदुलकर ने ऐसा क्या कर दिया है जिससे हर तरफ उनका नाम हो रहा है। इस बारे में आपको तसल्ली से बताएंगे। लेकिन पहले अर्जुन को लेकर सचिन तेंदुलकर के बारे में कुछ दिलचस्प बातें बताते हैं।
सचिन तेंदुलकर की भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में इतनी बड़ी हैसियत है जरा सोचिए अगर सचिन एक फोन कर दें तो अपने बेटे की एंट्री इंडिया क्रिकेट टीम में करवा देंगे। कोई उनकी बात को काटने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। लेकिन इनती हैसियत होने के बावजूद भी सचिन तेंदुलकर ने कभी भी अपने बेटे के लिए कोई सिफारिश नहीं की। ना ही किसी तरह का सोर्स का इस्तेमाल किया। बेटे को खुद के दम पर आगे बढ़ने के लिए सचिन ने तैयार किया। मुंबई इंडिया के पूर्व कप्तान और कई सीरीज में बतौर मेंटॉर की भूमिका निभाने वाले सचिन तेंदुलकर ने IPL में भी अर्जुन तेंदुलकर के लिए सिफारिश नहीं की।
जब सचिन तेंदुलकर मुंबई इंडियन के मेंटॉर के तौर पर जुड़े थे उस वक्त भी अर्जुन तेंदुलकर केवल 20 लाख की बेंसिक प्राइज से ही टीम से जुड़े। जबकि अगले साल 30 लाख के बेसिंक प्राइज से मुंबई इंडिया का हिस्सा बने। उस वक्त भी उन्हें बैठाकर रखा गया। वो सिर्फ फिल्ड में खिलाड़ियों के लिए ड्रिंग और पानी की बोतल पहुंचाते रहे।लेकिन बावजूद इसके उन्हें एक मैच में भी खेलने का मौका नहीं मिला।
इस दौरान भी अर्जुन तेंदुलकर घबराए नहीं और एकलव्य बनकर पूरी तरह से फोकस अपने गेम पर रखा। रणजी में मुंबई के तरफ से मौका नहीं मिलने के बाद अर्जुन ने गोवा की टीम की तरफ से खेलना शुरू किया। इस बार उन्हें डेब्यू करने का मौका भी मिल गया। गोवा और राजस्थान के बीच रणजी ट्रॉपी मैच के दौरान सातवें नंबर पर उतरे अर्जुन तेंदुलकर ने कमाल का परफॉर्म किया। अर्जुन ने डेब्यू मैच में शानदार शतक जड़ दिया। अर्जुन ने 179 बॉल में 12 चौके और 2 छक्के की मदद से अपना शतक पूरा किया। इस पारी में अर्जुन ने सुयश प्रभुदेसाई के साथ रिकॉर्ड 200 से अधिक रनों की साझेदारी भी की। दोनों ने 333 बॉल में 200 रन जोड़े।
सचिन से क्यों की गई अर्जुन की तुलना
अर्जुन तेंदुलकर 23 साल की उम्र में अपने डेब्यू मैच में शतकीय पारी खेली। साल 1988 में जब सचिन तेंदुलकर केवल 15 साल के थे तो उन्होंने मुंबई के तरफ से रणजी ट्राफी में डेब्यू किया था। और अपने डेब्यू मैच ही उन्होंने गुजरात के खिलाफ शानदार शतक बनाया था।
यानी अर्जुन भी अपने पिता की तरह रणजी टॉफी के डेब्यू मैच में शतकीय पारी खेली है। रणजी मैच में अर्जुन की शानदार पारी ने लोगों का दिल जीत लिया है। अर्जुन बतौर ऑल राउंडर टीम में खेलते हैं। गेंजबाजी में अकसर उनके परफॉर्मेस की चर्चा होती रहती है। लेकिन बल्लेबाजी में शतकीय पारी से उन्होंने एक बार फिर अपनी काबिलियत को साबित किया है। अंदेशा जताया जा रहा है कि उनके इस परफॉर्मेस की वजह से उन्हें आईपीएल में भी खेलने का मौका मिल सकता है।














