उमाकांत त्रिपाठी।महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े विधेयकों पर एक ओर जहां विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है तो वहीं पीएम मोदी ने कहा कि- महिला को मिलने वाले अधिकार का जिस-जिस ने विरोध किया, महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया। पीएम मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है।
विरोध करने वालों का बुरा हाल हुआ है पीएम ने किया आगाह
मोदी ने कहा कि- जो भी इसका विरोध करेंगे उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। लोकसभा में बोलते हुए मोदी ने कहा कि हम सब भाग्यवान हैं कि ऐसे महत्वपूर्ण और देश की आधी आबादी को नीति निर्धारण प्रक्रिया में हिस्सेदार बनाने का अवसर मिल रहा है। लोकसभा में चर्चा करने और पारित करने के लिए संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए गए।
महिला को मिलने वाले अधिकार का जिस-जिस ने विरोध किया, महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया, उनका बुरा हाल हुआ। 2024 के चुनाव में यह नहीं हुआ, क्योंकि (2023 में) सबने मिलकर इसे पारित किया था। उन्होंने कहा कि जिन्हें इसमें राजनीतिक बू आ रही है, वे पहले के परिणामों को देख लें। जो विरोध करेंगे उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
पीएम मोदी
क्रेडिट आप ले लीजिए, विज्ञापन देकर सबका धन्यवाद देंगे
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि- आप इसका विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि इसका मुझे राजनीतिक लाभ होगा लेकिन साथ चलेंगे तो किसी को भी नहीं होगा। इसलिए हमें क्रेडिट नहीं चाहिए। जैसे ही यह पारित हो जाए मैं विज्ञापन देकर सबका धन्यवाद करने के लिए तैयार हूं। क्रेडिट आप ले लीजिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के जीवन में कुछ महत्वपूर्ण पल आते हैं और उस समय समाज की मन:स्थिति और नेतृत्व क्षमता उस पल को कैप्चर करके एक राष्ट्र की अमानत और धरोहर बना देती है। संसदीय इतिहास में आज ऐसा ही एक पल है।














