उमाकांत त्रिपाठी। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 200 जनजातीय युवा एक्सचेंज कार्यक्रम (TYEP) के तहत जनजातीय युवाओं से संवाद किया। इस दौरान शाह ने युवाओं से कई अहम मुद्दों पर दिल की बात की। इस कार्यक्रम के तहत वामपंथी उग्रवाद से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों के अंदरूनी हिस्से से जनजातीय युवक और युवतियों को देशभर के प्रमुख शहरों और महानगरों के भ्रमण पर ले जाया जाता है। इस दौरान गृह मंत्री शाह ने कहा कि- वामपंथी उग्रवाद-प्रभावित क्षेत्रों में अपने स्वार्थ के कई तरह की भ्रांति फैलाई जा रही है।
युवाओं को शाह का मंत्र: गलत रास्ते पर ना जाएं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि जो लोग वामपंथी उग्रवाद-प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर, सड़क और अन्य ज़रूरी सुविधाएं नहीं आने देना चाहते, वो युवाओं के उज्जवल भविष्य की राह में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। गृह मंत्री ने कहा कि ये युवाओं की ज़िम्मेदारी है कि वो ना तो खुद गलत रास्ते पर जाएं और ना ही दूसरों को जाने दें। उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवादी और उनकी विचारधारा देश के विकास और उज्जवल भविष्य के विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद के विचार को खत्म करने में जनजाति युवाओं को अहम भूमिका निभानी चाहिए।
शाह का बड़ा ऐलान: 10 जनजातीय संग्रहालय बनवाएगी सरकार
इस दौरान केंद्रीय मंत्री शाह ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 200 करोड़ रूपए की लागत से देश के स्वाधीनता संग्राम में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में देशभर में 10 जनजातीय संग्रहालय बनाने का फैसला किया है।
20 हजार युवाओं से किया गया सीधा संवाद
(TYEP) कार्यक्रम में पिछले 9 सालों में 20 हजार से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया है। हर साल इस कार्यक्रम में युवाओं की संख्या बढ़ रही है। पहले हर साल 2 हजार प्रतिभागी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेते थे, जिसे 2019 में बढ़ाकर 4000 और 2022 में 5000 प्रतिभागी हर साल किया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और खेल, उद्योग, कला आदि में असाधारण उपलब्धि हासिल करने वालों युवाओं के साथ संवाद के लिए आमंत्रित किया जाता है।














