उमाकांत त्रिपाठी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ‘अपना चंद्रयान कार्यक्रम’ लॉन्च किया। इस प्रोग्राम के तहत शिक्षामंत्री ने चंद्रयान मिशन पर रंगीन किताबें, ऑनलाइन क्विज़ और पहेली सहित गतिविधि-आधारित सहायता सामग्री के साथ एक वेब पोर्टल लॉन्च किया। स्कूली छात्रों के लिए ये एक्टिविटी-बेस्ड सहायता सामग्री एनसीईआरटी ने विकसित की है। उन्होंने चंद्रयान-3 पर 10 विशेष मॉड्यूल भी जारी किए। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। पहले 1000 विजेताओं को आयु-उपयुक्त पुस्तकें प्रदान की जाएंगी। प्रारंभिक, प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक स्तरों के लिए जिग्सॉ पहेलियां और चित्र निर्माण भी विकसित किए गए हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लॉन्च किया पोर्टल
लॉन्च किए गए वेब पोर्टल में चंद्रयान-3 पर ग्राफिक उपन्यासों के रूप में रंग भरी जाने वाली किताबें, ऑनलाइन क्विज़, जिग्सॉ पहेली, चित्र निर्माण और प्रेरक कहानियों का एक संग्रह है। इस मौके पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि- भारत वैश्विक कल्याण के लिए ज्ञान साझा करने वाला विश्वगुरु बनेगा। वहीं, इसरो के अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ ने चंद्रयान की कहानियों को देश के युवा छात्रों तक ले जाने की पहल के लिए धर्मेंद्र प्रधान को धन्यवाद दिया।
10 विशेष मॉड्यूल भी हुए जारी
इसके अलावा चंद्रयान-3 पर 10 विशेष मॉड्यूल भी लॉन्च किए गए, ये साइंटिफिक, टेक्नोलॉजिकल और सामाजिक पहलुओं सहित इसके विभिन्न पहलुओं का व्यापक जानकारी देगा। ये गतिविधि चंद्रयान-3 से जुड़ी सपोर्ट मैटेरियल और विशेष मॉड्यूल, जो एनसीईआरटी द्वारा विकसित किए गए हैं, उनके बारे में जानकारी देगी।














