उमाकांत त्रिपाठी। पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में शुक्रवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस प्रोग्राम की शुरूआत हुई। ये इवेंट भारत मंडपम में तीन दिन तक चलेगा, यानी 29 अक्टूबर तक इस इवेंट में हिस्सा लिया जा सकता है। इवेंट में टेक्नोलॉजी लवर्स खासतौर से हिस्सा ले सकते हैं, क्योंकि यहां नए-नए इनोवेशन, टेलिकॉम एरिया और नेटवर्किंग बेहतर करने के लिए अनाउंसमेंट की जा सकती हैं। इंडिया मोबाइल कांग्रेस इवेंट का आयोजन दिल्ली के प्रगति मैदान में किया जा रहा है, जिसे DoT (डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्यूनिकेशन) और सेल्युलर ऑपरेटर्स असोशिएशन ऑफ इंडिया मिलकर देख रहे हैं
पीएम ने की आकाश अंबानी से मुलाकात
इस इवेंट में प्रधानमंत्री मोदी ने रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी से मुलाकात की। इस दौरान पीएम को जियो फोन 4G और जियो स्पेस फाइबर के बारे में जानकारी दी गई। जियो स्पेस फाइबर की मदद से दूर दराज के इलाकों में इंटरनेट सर्विस उपलब्ध करवाई जाएगी। कुल 31 देश इस इवेंट में शामिल हो रहे हैं, साथ ही 400 स्पीकर्स और 1300 डेलीगेट्स भी इवेंट का हिस्सा बनेंगे। आपको बता दें कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2023, एशिया का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है। इस इवेंट में 5G-6G टेक्नोलॉजी, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री, साइबर सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर फोकस किया जाएगा। इस साल होने वाला ये इवेंट इंडिया मोबाइल कांग्रेस का सातवां एडिशन है।
दूरसंचार, मीडिया और प्रौद्योगिकी का सबसे बड़ा मंच
आपको बता दें कि भारतीय मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) एशिया का सबसे बड़ा दूरसंचार, मीडिया और प्रौद्योगिकी मंच है। इस पहल से शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन जैसे विभिन्न सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा देश को 5जी तकनीक के इस्तेमाल में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। इस पहल को स्वदेशी दूरसंचार प्रौद्योगिकी के विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।














