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इजराइल ने गाजा पट्टी में घुसकर हमास के ठिकानों को बनाया निशाना, UN में जंग रोकने का प्रस्ताव हुआ पास

उमाकांत त्रिपाठी। इजराइल और हमास के बीच जारी जंग को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। आज इस जंग का 22वां दिन है। इस बीच इजराइली सेना ने लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी टैंकों के साथ गाजा पट्टी में घुसकर हमास के ठिकानों को निशाना बनाया। उधर UN की जनरल एसेंबली में इजराइल-हमास जंग रोकने का प्रस्ताव पास हुआ। प्रस्ताव के पक्ष में 120 वोट पड़े, वहीं विपक्ष में 14 देशों ने वोटिंग की। भारत सहित 45 देशों ने वोट नहीं किया। अमेरिका और इजराइल ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया।

गाजा में जमीनी हमलों को बढ़ा रहा इजराइल

रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइल, गाजा में जमीनी हमलों को बढ़ा रहे हैं। हवाई हमलों के दौरान भी हमास के अंडरग्राउंड ठिकानों को खासतौर पर टारगेट किया जा रहा है। हमले के चलते गाजा के इलाके में कम्यूनिकेशन टूट गया है और इंटरनेट बंद हो चुका है। करीब 23 लाख लोग दुनिया से कट चुके हैं। वहीं फिलिस्तीनियों ने दावा किया है कि इस दौरान इजराइल के सैनिकों की हमास के लड़ाकों से मुठभेड़ भी हुई। हमास ने भी कहा कि गाजा में बीट हनौन और ब्यूरिज के इलाकों में इजराइली सैनिकों ने हमला किया है। इस बीच मिलिट्री का हवाला देते हुए इजराइली मीडिया कैन ने बताया कि हमास की कैद में 200 से ज्यादा बंधक हैं। इनमें से 30 बच्चे हैं। 20 लोगों की उम्र 60 साल से ज्यादा है। अलजजीरा के मुताबिक, 12 साल का एक बच्चा कैद में है। उसकी मां ने कहा- मेरे परिवार के कई सदस्य मारे गए। हमास लड़ाके मेरे बेटे को उठाकर ले गए। कैदियों के कुछ वीडियो वायरल हुए। उनमें मेरा बेटा दिखा। उसे देखकर खुशी हुई। वो जिंदा है।

भारत सहित 45 देशों ने नहीं की वोटिंग, क्यों बनाई दूरी?

जंग शुरू होने के बाद नेतन्याहू से फोन पर बातचीत के दौरान PM मोदी ने कहा था कि हम हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ हैं। भारत के लोग इस मुश्किल घड़ी में इजराइल के साथ हैं। विदेश मामलों के जानकार और ORF रिसर्चर कबीर तनेजा के मुताबिक पिछले 10 सालों में भारत सरकार की डिप्लोमेसी आतंकवाद के खिलाफ रही है। PM नरेंद्र मोदी का बयान उसी डिप्लोमेसी का हिस्सा है। तनेजा मानते हैं कि भारत का अब भी फिलिस्तीन को लेकर वही स्टैंड है जो इंदिरा या दूसरी सरकारों के समय में होता था। भारत इस समस्या के समाधान के लिए टू स्टेट सॉल्यूशन का समर्थन करता है। जंग के बीच भी भारत ने फिलिस्तीनियों की मदद के लिए जरूरी सामान भिजवाया। यही वजह है कि भारत ने UN प्रस्ताव से दूरी बनाई। वहीं इस प्रस्ताव पर इजराइल का कहना है कि- हम हमास को इस तरह के अत्याचार करने की इजाजत देकर चुपचाप नहीं बैठेंगे। इजराइल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है।

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