उमाकांत त्रिपाठी। तीन दिन के यूएई दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक बड़ी घोषणा की है। देश के शिक्षा मंत्री प्रधान ने अबू धाबी में यूएई के शिक्षा मंत्री फलासी से भेंट के बाद कहा कि- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) जल्द संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अपना कार्यालय खोलेगा। इसके साथ ही दोनों मंत्रियों ने मौजूदा शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अभिनव और परिवर्तनकारी शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूल 42 अबू धाबी का दौरा भी किया। आपको बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान 1 से 3 नवंबर तक संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का मकसद भारत और यूएई के बीच शिक्षा के क्षेत्र में हुए समझौते को आगे बढ़ाना है।
यूएई में क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
आपको बता दें कि धर्मेंद्र प्रधान के यूएई दौरे का आज दूसरा दिन है। दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री ने संवाददाताओं से बात भी की। उन्होंने कहा कि- यूएई-भारत के रिश्ते आज बहुत अच्छी स्थिति में हैं. रणनीतिक साझेदारी में, विशेषकर शिक्षा और कौशल में, भारत और यूएई के बीच मजबूत संबंध हैं। यूएई में एक आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) खोल रहे हैं और भारत के कई प्रमुख विश्वविद्यालय पहले ही यहां कार्य कर रहे हैं। भविष्य में और भी विश्वविद्यालय यहां आ सकते हैं, भारत के प्रमुख राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड सीबीएसई के 100 से अधिक स्कूल संयुक्त अरब अमीरात में कार्यरत हैं। हम जल्द ही यहां एक सीबीएसई कार्यालय खोलने जा रहे हैं। यूएई एक वैश्विक आर्थिक केंद्र है और भारत एक वैश्विक प्रतिभा केंद्र, दोनों पक्षों को अपने सभ्यतागत जुड़ाव को मजबूत करने के लिए एक ज्ञान सेतु बनाने के वास्ते मिलकर काम करना चाहिए।
शिक्षा मंत्री का यूएई को धन्यवाद
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यूएई में भारतीय पाठ्यक्रम का पालन करने वाले स्कूलों को समर्थन देने के लिए डॉ अहमद बेलहौल को धन्यवाद दिया। इसके साथ ही, भारत और यूएई के बीच छात्रों के आदान-प्रदान कार्यक्रमों को सुगम करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। इस दौरे को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान भी जारी किया। जिसमें मंत्रालय ने कहा कि- दोनों देशों के मंत्रियों ने शिक्षा और कौशल विकास में द्विपक्षीय गतिविधियों की समीक्षा की, विशेष रूप से जी20 इंडिया के हिस्से के रूप में संपन्न चौथे शिक्षा कार्य समूह की बैठक के इतर हुई चर्चा के बिंदुओं की समीक्षा की।













