उमाकांत त्रिपाठी। राजस्थान चुनाव के लिए काउंटिंग जारी है, अभी तक के रुझानों में विपक्षी बीजेपी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करती नजर आ रही है। बीजेपी 114 सीटों पर आगे चल रही है। ताजा रुझानों के मुताबिक, सत्ताधारी कांग्रेस 68 सीटों पर आगे है। जो रुझान सामने आ रहे हैं, उसके मुताबिक, सत्ता से कांग्रेस की विदाई हो सकती है। गहलोत राजस्थान में रिवाज बदलने में नाकामयाब रहे। यहां बीजेपी की सरकार बनना तय है, आपको बता दें कि राज्य की 199 सीटों पर 25 नवंबर को चुनाव हुए थे। विपक्षी दल बीजेपी ने यहां अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। पीएम मोदी ने यहां कई रोड शो किए थे, जिसमें भारी भीड़ देखने को मिली थी। वहीं इस चुनाव में कांग्रेस गुटबाजी से उभर नहीं पाई। चुनाव से पहले सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही खींचतान का असर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पड़ा। दोनों के बीच चल रहे मनमुटाव का जनता के बीच भी गलत मैसेज गया। हालांकि, चुनाव के वक्त दोनों ही एकसाथ होने का संदेश देते नजर आए।
सीएम फेस की उलझन में फंसी कांग्रेस
वहीं सीएम फेस पर भी कांग्रेस तस्वीर साफ नहीं कर सकी। चुनाव के आखिर तक अशोक गहलोत की ओर से कहा जाता रहा कि ‘कुर्सी मुझे नहीं छोड़’ रही है। कांग्रेस की ओर से अशोक गहलोत ही अघोषित सीएम फेस नजर आ रहे थे। ऐसे में कांग्रेस के युवा कार्यकर्ता जो सचिन पायलट के समर्थक थे, वे थोड़ा निराश नजर आए। वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने गुटबाजी को अच्छे तरीके से हैंडल किया। बीजेपी ने गुटबाजी से निपटने के लिए सीएम फेस घोषित नहीं किया। बल्कि पार्टी के बड़े नेताओं को चुनाव मैदान में उतार दिया। इसका सकारात्मक असर आसपास की सीटों पर भी पड़ा। राजस्थान का चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनाम सीएम अशोक गहलोत हो जाना भी कांग्रेस को भारी पड़ता नजर आ रहा है। बीजेपी ने कांग्रेस के जातीय जनगणना वाले दांव की काट के लिए पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा। बीजेपी ने चुनाव में अपने सांसदों को उतार कर मैसेज दे दिया कि इस बार सीएम कोई भी हो सकता है। वहीं कांग्रेस का सारा दारोमदार सीएम गहलोत के कंधों पर अधिक नजर आया
किसे सीएम बनाएगी पीजेपी
राजस्थान के चुनावी नतीजों में बीजेपी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाती दिख रही है। बीजेपी ने राजस्थान का चुनाव सीएम पद के लिए किसी नेता का चेहरा आगे किए बिना लड़ा था। साल 2003 से ही वसुंधरा राजे राजस्थान में बीजेपी का चेहरा रही हैं। लेकिन पार्टी ने इस बार उनका चेहरा आगे करने से परहेज किया। राजस्थान चुनाव के रुझान आ रहे हैं तो चर्चा ये भी शुरू हो गई है कि अगर बीजेपी की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा? वसुंधरा राजे मतदान के बाद से जिस तरह एक्टिव नजर आ रही हैं, मतगणना से ठीक पहले देर रात तक मीटिंग की। उसे उनकी ओर से ड्राइविंग सीट पर होने का मैसेज देने की कोशिश माना जा रहा है। इस चुनाव में बीजेपी ने न सिर्फ सीएम फेस घोषित करने से परहेज किया, बल्कि कई सांसदों को भी चुनाव मैदान में उतार दिया था। ऐसे में ये सवाल वाजिब भी है- राजस्थान में सीएम का ताज वसुंधरा राजे के ही सिर सजेगा या पार्टी किसी नए चेहरे पर दांव लगाएगी।














