उमाकांत त्रिपाठी। संसद सुरक्षा चूक मामले की आरोपी नीलम की जमानत अर्जी दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दी। दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध किया है। कोर्ट में पुलिस ने कहा कि हरियाणा के जींद की रहने वाली नीलम पर गंभीर आरोप लगे हैं। उसे जिस UAPA कानून के तहत नामजद किया गया है, उसमें उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है।
सुरक्षा में लगाई थी सेंध
पुलिस ने कहा कि नीलम और उसके साथियों ने संसद की सुरक्षा में सेंध लगा देश की एकता और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। उनके खिलाफ UAPA के सेक्शन 16 (टेरेरिज्म) और 18 (आतंकी साजिश) की धारा भी जोड़ी गई है। नीलम ने कुछ दिन पहले गिरफ्तारी के 24 घंटे की जगह 29 घंटे में कोर्ट में पेश न करने पर अनुच्छेद 22 (1) का हवाला देकर जमानत याचिका दायर की थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडिशनल सेशन जज हरदीप कौर की कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जो आज सुनाया जा सकता है।
6 लोग हुए थे गिरफ्तार
संसद सुरक्षा चूक मामले में कुल 6 लोग गिरफ्तार हुए थे, जिनमें संसद के अंदर पीली गैस छोड़ने वाले 2 आरोपी भी शामिल हैं।दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में यह भी कहा कि सभी आरोपियों की हैसियत प्रभावशाली है। जमानत मिलने पर वह जांच को प्रभावित कर सकते हैं। आरोपियों के खिलाफ जो सबूत मिले हैं, उसमें उनके संसद सुरक्षा चूक में शामिल होने की बात साबित होती है।














