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इस बार गणतंत्र दिवस पर देश ने देखी नारी शक्ति, शंखनाद से हुई परेड की शुरूआत; कर्तव्य पथ पर लहराया तिरंगा

उमाकांत त्रिपाठी। देश आज 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वॉर मेमोरियल गए और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मोदी ने यहां दो मिनट का मौन भी रखा। फिर मोदी कर्तव्य पथ पहुंचे। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों चीफ गेस्ट थे। वे इस समारोह में भाग लेने वाले फ्रांस के छठे राष्ट्रपति हैं। इसके बाद राष्ट्रपति भवन से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों रवाना हुए। दोनों नेता बग्घी से निकले। 1984 के बाद (40 साल बाद) ये पहली बार है, जब गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति बग्घी से कर्तव्य पथ गए। राष्ट्रपति मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर दूसरी बार तिरंगा फहराया।

देश ने देखी नारी शक्ति की झलक
ध्वजारोहण के बाद कर्तव्य पथ पर परेड हुई। इस बार परेड में नारी शक्ति की झलक देखने को मिली। सबसे पहले 100 महिला आर्टिस्ट्स ने म्यूजिशियन शंख, नगाड़े और दूसरे पारंपरिक वाद्य-यंत्रों के साथ परेड की शुरुआत की। पहली बार ट्राई-सर्विस कंटिंजेंट, पैरा-मिलिट्री ग्रुप्स और पुलिस की टुकड़ियां को महिलाओं ने लीड किया। BSF, CRPF और SSB की महिलाकर्मियों ने 350CC रॉयल एनफील्ड (बुलेट) पर सवार होकर करतब दिखाए। आर्मी ऑफिसर कैप्टन संध्या ने तीनों टुकड़ियों का नेतृत्व किया। कैप्टन शरण्या राव, सब लेफ्टिनेंट अंशु यादव और फ्लाइट लेफ्टिनेंट सृष्टि राव ने अपने-अपने दल की अगुआई की।

51 एयरक्राफ्ट ने लिया हिस्सा
फ्लाईपास्ट में एयरफोर्स के 51 एयरक्राफ्ट हिस्सा लिया। इनमें 29 फाइटर प्लेन, 7 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, 9 हेलिकॉप्टर और एक हेरिटेज एयरक्राफ्ट थे। फ्लाईपास्ट में पहली बार फ्रांसीसी सेना के राफेल भी शामिल हुए। राष्ट्रपति मुर्मू और फ्रांस के प्रेसिडेंट राष्ट्रपति भवन से बग्घी में कर्तव्य पथ पहुंचे। 1984 में बाद ये पहला मौका था, जब भारत की राष्ट्रपति पारंपरिक बग्घी में गणतंत्र दिवस समारोह के लिए निकलीं। ध्वजारोहण के बाद 100 महिला आर्टिस्ट्स ने पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाकर परेड का आगाज किया गया।

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