उमाकांत त्रिपाठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि- आपकी सोच की मर्यादा देश को दुखी करती है। जनता कहती है कि आपके नेता तो बदलते हैं, टेप रिकॉर्डर वही है। नई बात सामने नहीं आती। पुरानी डफली, पुराना राग। चुनाव का टाइम है। कुछ तो अच्छा करते। आज विपक्ष की जो हालत है, इसकी दोषी कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस केा एक अच्छा विपक्ष बनने का अवसर मिला। 10 साल में कई मौके मिले होंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा किया नहीं। न खुद ऐसा किया, न दूसरे उत्साही युवा सांसदों को ऐसा करने दिया। यंग जनरेशन को इसलिए मौका नहीं दिया कि किसी और का चेहरा न दब जाए। देश को एक अच्छे और स्वस्थ्य विपक्ष की बहुत जरूरत है। देश ने जितना परिवारवाद का खामियाजा उठाया है, उतना ही खामियाजा कांग्रेस ने भी उठाया है। हालत देखिए खड़गे जी इस सदन से उस सदन में शिफ्ट हो गए। गुलाम नबी जी पार्टी से ही शिफ्ट कर गए। ये सब परिवारवाद के चक्कर में शिफ्ट हुए। ये सब एक ही प्रोडक्ट को लॉन्च करने के चक्कर में दुकान को ताला लगने की नौबत आ गई।
हमारे नेताओं ने नहीं किया परिवारवाद
पीएम ने कहा कि- हम किस परिवारवाद की बात कर रहे हैं। अगर किसी परिवार ने अपने बलबूते पर तरक्की की है, तो हम उसका विरोध नहीं करते। हम उस परिवारवाद का विरोध करते हैं, जो परिवार पार्टी चलाता है। पार्टी के सारे फैसले परिवार लेता है। अमित शाह के परिवार की पार्टी नहीं है, राजनाथ के परिवार की भी कोई पार्टी नहीं है। देश के लोकतंत्र के लिए परिवारवाद की राजनीति चिंता का विषय है। किसी परिवार के दो लोग तरक्की करें तो स्वागत है, 10 लोग तरक्की करें तो स्वागत है। लेकिन परिवार ही पार्टी चलाए। उसका बेटा ही अध्यक्ष बने, इसका विरोध होना चाहिए। कांग्रेस एक परिवार में उलझ गई। देश के करोड़ों परिवार की आकांक्षाएं और उपलब्धियां वे देख नहीं सकती।
मोदी ने देश के सामने रखा अपना विजन
पीएम मोदी ने देश के सामने अपना विजन रखते हुए कहा कि- कांग्रेस में एक कैंसिल कल्चर डेवलप हुआ है। हम कहते हैं मेक इन इंडिया तो वे कहते हैं, कैंसिल, वंदेभारत, आत्मनिर्भर भारत, नई संसद। कांग्रेस कहती है कैंसिल। ये मोदी की उपलब्धि नहीं, देश की उपलब्धि है। भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दुनिया सराह रही है। जी20 में दुनिया ने देखा है कि पूरा विश्व भारत के लिए क्या सोचता है। इस 10 साल के अनुभव के आधार पर, इस मजबूत अर्थव्यवस्था को देखते हुए मैं विश्वास से कह सकता हूं। हमारे तीसरे टर्म में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनेगा। ये मोदी की गारंटी है। जब हम दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की बात कहते हैं तो विपक्षी कुतर्क देते हैं, कहते हैं वो तो अपने आप हो जाएगा। सरकार की भूमिका क्या होती है देश और युवाओं काे बताना चाहता हूं कि होता कैसे है। 10 साल पहले 2014 में फरवरी महीने में जो अंतरिम बजट आया था उस समय कौन थे, सबको पता है। उस बजट को पेश करते वक्त तब के वित्त मंत्री ने कहा था- आई नाउ विश टू लुक फॉरवर्ड हाउ मैनी। 2014 पर 11वीं अर्थ व्यवस्था होने पर गर्व है। आज 5वीं अर्थ व्यवस्था होने पर भी खुशी नहीं है।














