उमाकांत त्रिपाठी।ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (BJD) और भाजपा के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत फेल हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने शुक्रवार को दिल्ली से भुवनेश्वर लौटने के बाद कहा कि हमारी पार्टी राज्य में अकेले चुनाव लड़ेगी। किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन या सीट बंटवारे पर कोई बातचीत नहीं हुई है।
भाजपा अध्यक्ष सामल बोले
हम चुनावों के लिए अपनी तैयारियों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मिलने गए थे। भाजपा ओडिशा में आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव जीतने को लेकर आश्वस्त है। पार्टी दोनों चुनाव अपने बल पर लड़ेगी।
BJD नेताओं ने साधी चुप्पी
भाजपा और BJD के बीच गठबंधन को लेकर गुरुवार को अटकलें शुरू हुई थीं। दरअसल, BJD नेता वीके पांडियन और प्रणब प्रकाश दास 7 मार्च को भाजपा के केंद्रीय नेताओं से मिलने एक चार्टर्ड विमान से दिल्ली गए थे। हालांकि, दिल्ली से लौटने के बाद BJD नेताओं ने चुप्पी साधी रही।
BJD – BJP को एक-दूसरे की मांग नहीं है मंजूर
भाजपा के सूत्रों के हवाले से बताया कि BJD और भाजपा के बीच गठबंधन की बातचीत सीट बंटवारे पर अटक गई है। BJD ने विधानसभा की 147 सीटों में से 112, लगभग 75% सीटों की मांग की थी, लेकिन भाजपा को यह मंजूर नहीं था। वर्तमान में, विधानसभा में BJD के 114 सदस्य हैं।
इसके उलट भाजपा ने राज्य की 21 लोकसभा सीटों में से 14 सीटें मांगी थीं, जिसे BJD ने खारिज कर दिया। BJD ने 2019 के लोकसभा चुनावों में 12 सीटें जीती थीं, जबकि BJP ने 8 सीटें जीती थीं। BJD के एक सीनियर नेता ने कहा कि 10 से कम लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ना हमारे लिए आत्मघाती होगा।
11 साल पहले टूटा था गठबंधन BJD-BJP का
1998 में जनता दल विभाजित होने के बाद नवीन पटनायक ने अपनी पार्टी, बीजू जनता दल बनाई थी। वे वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में शामिल हो गए। उन्हें इस्पात और खान मंत्री बनाया गया। भाजपा और BJD साल 1998 से 2009 के बीच गठबंधन में रही थीं।














