उमाकांत त्रिपाठी।गाजा के अल-नुसीरत कैंप के पास बने एड डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर (सहायता वितरण केंद्र) पर इजराइल ने एयरस्ट्राइक कर दी। इस दौरान 8 लोगों की मौत हो गई।वहीं, नॉर्थ गाजा के एक एड पॉइंट पर खाना लेने पहुंचे फिलिस्तीनियों पर इजराइली सैनिकों ने गोली चला दी। इस दौरान 21 लोग मारे गए। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, दोनों हमलों में कुल 29 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई।19 नवंबर को हूती विद्रोहियों ने कार्गो शिप गैलेक्सी लीडर को हाईजैक किया था। इसके 25 क्रू मेंबर्स को बंधक बनाया था। अब हूतियों का कहना है कि इन बंधकों की जिंदगी हमास के हाथ में है। दरअसल, इजराइल-हमास जंग के बीच फिलिस्तीनियों के समर्थन में हूती विद्रोही लगातार लाल सागर और अरब सागर में जहाजों पर हमला कर रहे हैं।
कैद में है25 क्रू मेंबर्स
हाईजैकिंग के 116 दिन बाद भी 25 क्रू मेंबर्स (17 फिलीपींस, 2 बुल्गारिया, 3 यूक्रेन, 2 मेक्सिको, एक रोमानिया) के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। फिलीपींस के अधिकारों का मानना है कि क्रू मेंबर्स को तब तक रिहा नहीं किया जाएगा जब तक इजराइल-हमास जंग खत्म नहीं होती।
भारत आ रहा था जहाज
हूती विद्रोहियों ने लाल सागर से एक कार्गो शिप गैलेक्सी लीडर को हाइजैक कर लिया था। ये जहाज तुर्किये से भारत आ रहा था। हूती विद्रोहियों ने इसे इजराइली जहाज समझ कर हाइजैक किया था। इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के मुताबिक, जहाज पर बहामास का झंडा लगा था। यह ब्रिटिश कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड है। इजराइली कारोबारी अब्राहम उंगर इसके आंशिक हिस्सेदार हैं। फिलहाल यह एक जापानी कंपनी को लीज पर दिया गया था।
हमास तय करेगा क्रू मेंबर्स की रिहाई
फिलीपींस के विदेश मामलों के अधिकारी एडुआर्डो डी वेगा ने कहा- हम जब भी हूती विद्रोहियों से क्रू मेंबर्स की रिहाई के लिए बात करते हैं तो उनका जवाब होता है कि शिप उनके कब्जे में ही रहेगी। क्रू मेंबर्स को तब तक आजादी नहीं देंगे जब तक गाजा पर हो रहे हमले नहीं रुक जाते। 14 मार्च को हूतियों ने कहा कि गैलेक्सी लीडर के क्रू मेंबर्स की रिहाई हमास ही तय करेगा।
हूतियों के प्रवक्ता नस्र अल-दीन आमेर बोले
शिप और क्रू मेंबर्स के बारे में जो फैसला होगा वो अल-कासिम ब्रिगेड के लड़ाके करेंगे। फिलहाल इस पर हमास से हमारी चर्चा नहीं हुई है। हमास की बेहद क्रूर मानी जाने वाली मिलिट्री विंग अल-कासिम ब्रिगेड ने इजराइल पर हमला किया था। इसका चीफ मोहम्मद देइफ है। यही 7 अक्टूबर को इजराइल पर हुए हमले का मास्टरमाइंड है। अल कासिम ब्रिगेड को 1991 में बनाया गया था।














