उमाकांत त्रिपाठी।असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार (30 मार्च) को ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) पार्टी के चीफ बदरुद्दीन अजमल को कहा कि आपको दोबारा शादी करनी है तो अभी मौका है, क्योंकि चुनाव के बाद राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू हो जाएगा। तब दूसरी-तीसरी शादी की तो जेल हो जाएगी।
सांसद बदरुद्दीन अजमल बोले
असम के धुबरी सीट से AIUDF के सांसद बदरुद्दीन अजमल ने पहले कहा था कि भाजपा मुसलमानों को भड़काने की कोशिश कर रही है। अगर मुसलमान दोबारा शादी करना चाहते हैं तो उन्हें कोई नहीं रोक सकता, क्योंकि उनका धर्म उन्हें ऐसा करने की इजाजत देता है।अजमल के इसी बयान पर पलटवार करते हुए असम के उदलगिरी में हिमंता ने कहा- अगर अजमल अभी शादी करेंगे और मुझे बुलाएंगे तो मैं बिलकुल आऊंगा, लेकिन चुनाव के बाद वे ऐसा नहीं कर सकेंगे, क्योंकि कानून सबके लिए बराबर होता है।दअरसल, असम सरकार UCC को लेकर कानून लाने की तैयारी में है। हिमंता ने 12 फरवरी को कहा था कि राज्य सरकार बहुविवाह को बैन करने वाले कानून लाने वाली थी, लेकिन उत्तराखंड में UCC का बिल पास होने के बाद इसे UCC से जोड़ने पर विचार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा बोले
हिमंत ने कहा था कि उत्तराखंड में UCC के तहत बहुविवाह को सिविल ऑफेंस की कैटेगरी रखा गया है। लेकिन हम इसे क्रिमिनल ऑफेंस की कैटेगरी में रखना चाहते हैं। इसके लिए 9 लोगों की कमेटी बनाई गई है। ये कमेटी दोनों मुद्दों पर काम कर रही है। सरमा ने कहा कि राज्य की आदिवासी आबादी को इस कानून के दायरे से बाहर रखा जाएगा।मुख्यमंत्री सरमा ने बताया था कि सरकार ने धर्मांतरण पर भी रोक लगाने की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को हिंसा से बचाने के लिए मुस्लिम का मुस्लिम, ईसाई का ईसाई और हिंदु का हिंदु रहना जरूरी है।
UCC लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड
उत्तराखंड विधानसभा में 7 फरवरी को को यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC बिल पास हो गया था। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद उत्तराखंड UCC लागू करने वाला आजाद भारत का पहला राज्य बना। इस बिल के कानून बनते ही उत्तराखंड में लिव इन रिलेशन में रह रहे लोगों को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी हो गया है। ऐसा नहीं करने पर 6 महीने तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा पति या पत्नी के जीवित रहते हुए दूसरी शादी भी गैर-कानूनी मानी जाएगी।














